रेलवे लाइन किनारे अतिक्रमण पर उठे सवाल, प्रशासनिक लापरवाही के आरोप

रेलवे लाइन किनारे अतिक्रमण पर उठे सवाल, प्रशासनिक लापरवाही के आरोप

स्थान – हल्द्वानी

ब्यूरो रिपोट

रेलवे लाइन के समीप बसे अतिक्रमण को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि वर्षों से रेलवे भूमि पर बस्ती बसाई गई, जहां झोपड़ियां, अस्थायी निर्माण और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

कुछ लोगों का आरोप है कि राजनीतिक स्वार्थों के चलते इन बस्तियों को राशन कार्ड, बिजली और पानी जैसी सुविधाएं दी गईं। हालांकि बस्ती में रहने वाले लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से यहां निवास कर रहे हैं और यही उनका आशियाना है।

रेलवे लाइन के बेहद करीब झोपड़ियों की मौजूदगी को लेकर सुरक्षा चिंताएं भी सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चे अक्सर रेलवे पटरी के पास खेलते नजर आते हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। ऐसे में रेलवे और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं कि समय रहते प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए।

क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के समीप एक पुरानी मस्जिद/दरगाह भी स्थित है, जिसे स्थानीय लोग आस्था का केंद्र बताते हैं। बताया जा रहा है कि इसे लेकर पहले भी चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन धार्मिक मान्यता के चलते स्थिति जस की तस बनी रही।

रेलवे विभाग का कहना है कि भूमि पर उसका अधिकार है और अतिक्रमण को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी है। वहीं स्थानीय प्रशासन का दावा है कि उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।

अब देखने वाली बात यह होगी कि रेलवे किस प्रकार कानूनी प्रक्रिया के तहत भूमि पर अपना कब्जा सुनिश्चित कर पाता है और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है।