मदरसों की जांच के बाद 12 हजार छात्रों की संख्या घटी, शिक्षा विभाग कर रहा समीक्षा

मदरसों की जांच के बाद 12 हजार छात्रों की संख्या घटी, शिक्षा विभाग कर रहा समीक्षा

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

हरिद्वार जिले में अवैध रूप से संचालित मदरसों की जांच के बाद छात्रों की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले के विभिन्न मदरसों में अध्ययनरत करीब 12 हजार छात्र कम हो गए हैं इस अचानक आई गिरावट को लेकर विभागीय स्तर पर समीक्षा की जा रही है।

हाल ही में जिलाधिकारी के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने लक्सर तहसील क्षेत्र में संचालित मदरसों का व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया था जांच के दौरान कई मदरसों में प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताएं सामने आई थीं, जिसके बाद विभाग ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

जांच में कुल 23 मदरसों में अनियमितताएं पाए जाने पर उनके मिड-डे मील और अन्य सरकारी फंड पर रोक लगा दी गई थी विभाग का कहना है कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई की गई है और संबंधित संस्थानों को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसी दौरान 10 मदरसा संचालकों ने अपने संस्थान बंद करने के लिए शिक्षा विभाग को आवेदन भी सौंपे थे इसके बाद यह आशंका जताई जा रही है कि छात्रों की संख्या में आई भारी कमी का संबंध इन्हीं मदरसों से हो सकता है हालांकि विभाग अभी इस संबंध में विस्तृत सत्यापन कर रहा है।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि छात्रों की संख्या में कमी के पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं हर वर्ष नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में विद्यार्थियों के नामांकन और स्थानांतरण की प्रक्रिया के चलते आंकड़ों में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।

जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक शिक्षा) ने बताया कि सत्र परिवर्तन के दौरान कई छात्र नए विद्यालयों या मदरसों में प्रवेश लेते हैं, जबकि कुछ का नामांकन प्रक्रिया में विलंब होता है ऐसे में शुरुआती महीनों में छात्र संख्या कम दिखाई देना सामान्य स्थिति मानी जाती है।

अधिकारियों के अनुसार जुलाई माह तक नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी शिक्षा विभाग छात्रों के आंकड़ों की लगातार निगरानी कर रहा है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि सभी शिक्षण संस्थान निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप संचालित हों।