

स्थान : नैनीताल
ब्यूरो रिपोर्ट

सरोवर नगरी नैनीताल में तल्लीताल डांठ से मल्लीताल रिक्शा स्टैंड तक स्थित मॉल रोड पर एक अगस्त 2026 से वाहनों के हॉर्न बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू होगा। उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में जिला प्रशासन ने इस संबंध में तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।


जिलाधिकारी ने बताया कि उत्तराखंड मोटरयान नियमावली, 2011 के नियम-187 के तहत मॉल रोड क्षेत्र को “नो हॉर्न ज़ोन” घोषित किया गया है। इसका उद्देश्य ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना तथा स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को शांत एवं सुखद वातावरण उपलब्ध कराना है।



बैठक में पुलिस, परिवहन, राजस्व, जिला विकास प्राधिकरण और नगर पालिका द्वारा की जा रही तैयारियों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मॉल रोड और आसपास के क्षेत्रों में नो हॉर्न संबंधी साइन बोर्ड, फ्लेक्स और सूचना पट्ट लगाए जाएं, ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों को पहले से नियमों की जानकारी मिल सके।


प्रशासन 24 जुलाई से 31 जुलाई तक विशेष जनजागरूकता अभियान भी चलाएगा। इस अभियान में एनसीसी, एनएसएस और “मेरा युवा भारत” के स्वयंसेवकों का सहयोग लिया जाएगा। साथ ही व्यापार मंडल, टैक्सी एसोसिएशन, बार एसोसिएशन, नाव संगठन, डीएसए और अन्य स्थानीय संस्थाओं के साथ बैठक कर उन्हें भी अभियान से जोड़ा जाएगा।
जिलाधिकारी ने मॉल रोड पर एक सप्ताह के भीतर विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए हैं। इन कैमरों के माध्यम से नो हॉर्न नियम का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि नैनीताल देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों का प्रमुख पर्यटन स्थल है और मॉल रोड अपनी शांत एवं प्राकृतिक पहचान के लिए जानी जाती है। ऐसे में अनावश्यक हॉर्न से होने वाला ध्वनि प्रदूषण पर्यटकों के अनुभव के साथ-साथ स्थानीय वातावरण को भी प्रभावित करता है।


जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 1 अगस्त 2026 से मॉल रोड क्षेत्र में हॉर्न बजाने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध उत्तराखंड मोटरयान नियमावली और अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी वाहन चालकों से नियमों का पालन करते हुए नैनीताल की प्राकृतिक और पर्यावरणीय गरिमा बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

