हल्द्वानी में धूमधाम से निकली गणपति विसर्जन शोभायात्रा

हल्द्वानी में धूमधाम से निकली गणपति विसर्जन शोभायात्रा

रिपोर्टर : पंकज सक्सेना
स्थान : हल्द्वानी

चार दिनों तक चले गणपति महोत्सव का समापन रविवार को श्रद्धा, उल्लास और भक्ति के माहौल में हुआ। शहर के विभिन्न स्थानों पर स्थापित गणपति प्रतिमाओं का ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच रानीबाग स्थित गोला नदी में विसर्जन किया गया।

गणपति महोत्सव के दौरान जगह-जगह भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ इन आयोजनों में भाग लिया और भगवान गणेश से सुख-समृद्धि की कामना की।

विसर्जन के दिन हल्द्वानी शहर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। विभिन्न मोहल्लों और पंडालों से शोभायात्राएं निकाली गईं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे शहर में “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारे गूंजते रहे।

शोभायात्राओं में श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते आगे बढ़ते दिखाई दिए। बच्चे, युवा और महिलाएं सभी गणपति बप्पा की भक्ति में रंगे नजर आए। कई स्थानों पर पारंपरिक वेशभूषा में भी लोग शामिल हुए।

शहर के अलग-अलग मार्गों से निकली शोभायात्राओं का जगह-जगह फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया, जिससे माहौल और भी उत्साहपूर्ण बन गया।

रानीबाग स्थित गोला नदी तट पर गणपति प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर भगवान गणेश को विदाई दी और अगले वर्ष फिर आगमन की कामना की।

आयोजकों और कार्यकर्ताओं ने कहा कि गणपति बप्पा का विसर्जन इस विश्वास और उम्मीद के साथ किया गया है कि वे अगले वर्ष फिर से भक्तों के बीच पधारेंगे। उन्होंने कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी महोत्सव ने लोगों को एकजुट करने का कार्य किया।

विसर्जन के साथ चार दिवसीय गणपति महोत्सव का समापन हो गया, लेकिन श्रद्धालुओं के मन में भक्ति और उत्साह का रंग देर तक बना रहा। शहरवासियों ने अगले बरस फिर से इसी हर्षोल्लास के साथ गणपति महोत्सव मनाने का संकल्प लिया।