
स्थान : रामनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

कॉर्बेट लैंडस्केप से होकर बहने वाली कोसी नदी में हाथियों के झुंड को नदी पार करते देखना रोमांचक रहा, लेकिन इसी दौरान कैमरे में कैद हुआ एक दृश्य मां और बच्चे के गहरे रिश्ते की मिसाल बन गया। रामनगर के रिंगौड़ा क्षेत्र में नदी पार करते समय एक नन्हा हाथी तेज बहाव की चपेट में आ गया।

बताया जा रहा है कि हाथी का बच्चा करीब एक महीने से भी कम उम्र का था। नदी का बहाव तेज होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं पाया और पानी के साथ बहने लगा। कुछ क्षणों के लिए स्थिति गंभीर नजर आई।


इसी दौरान नन्हे हाथी ने अपनी सूंड पानी से बाहर निकालकर अपनी मां की ओर संकेत किया। बच्चे की स्थिति देखते ही मां हाथी तेजी से नदी में उतरी और तैरते हुए उसके पास पहुंच गई।


मां हाथी ने अपनी सूंड की मदद से बच्चे को संभाला और तेज बहाव से बाहर निकालते हुए सुरक्षित किनारे तक ले आई। पूरा घटनाक्रम कुछ ही पलों में हुआ, लेकिन वहां मौजूद लोगों के लिए यह दृश्य बेहद भावुक और यादगार बन गया।


इस घटना को वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर और वन्यजीव प्रेमी दीप रजवार ने अपने कैमरे में रिकॉर्ड किया। उनके अनुसार झुंड में तीन बच्चे शामिल थे। दो अपेक्षाकृत बड़े बच्चे नदी पार कर गए, जबकि सबसे छोटा बच्चा बहाव में फंस गया था।

दीप रजवार के मुताबिक बच्चे की पुकार पर मां ने जिस तेजी से प्रतिक्रिया दी, वही इस पूरे घटनाक्रम का सबसे खास हिस्सा रहा। उनका कहना है कि जंगल में ऐसे दृश्य कम ही देखने को मिलते हैं और यह वन्यजीवों के सामाजिक व्यवहार को करीब से समझने का अवसर भी देता है।




कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला के अनुसार हाथियों को मजबूत सामाजिक संबंधों और मातृत्व व्यवहार के लिए जाना जाता है। हाथियों के झुंड का नेतृत्व सामान्यतः मादा हाथियां करती हैं और बच्चों की सुरक्षा में मां के साथ झुंड की दूसरी मादा हाथियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
कोसी नदी का तेज बहाव अपनी रफ्तार से बहता रहा, लेकिन उस दौरान सामने आया मां और बच्चे का यह दृश्य प्रकृति की संवेदनशीलता की एक अनूठी तस्वीर बन गया। नन्ही सूंड से मिली मदद की पुकार और मां का तुरंत बच्चे तक पहुंचना जंगल की दुनिया में मातृत्व के गहरे भाव को सामने ले आया।

