नंदा-सुनंदा महोत्सव में लोक संस्कृति के रंग, प्रतियोगिताओं ने बांधा समां

नंदा-सुनंदा महोत्सव में लोक संस्कृति के रंग, प्रतियोगिताओं ने बांधा समां

स्थान : रानीखेत
रिपोर्टर : संजय जोशी

137वें मां नंदा-सुनंदा महोत्सव के तहत रविवार को विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। अंतर विद्यालयी समूह लोक नृत्य के सीनियर वर्ग में ताड़ीखेत विकासखंड के करीब दस विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं शकुनाखर और विवाह गीत प्रतियोगिताओं ने भी लोगों को खासा आकर्षित किया।

मंदिर परिसर में दिनभर भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। सांस्कृतिक मंच का शुभारंभ क्षेत्र प्रमुख बबली माहरा ने दीप प्रज्वलित कर किया। आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, महिलाओं, विद्यार्थियों और श्रद्धालुओं ने भागीदारी की।

मुख्य अतिथि बबली माहरा ने कहा कि लोक संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलजुलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि मां नंदा-सुनंदा महोत्सव क्षेत्र की समृद्ध लोक विरासत का प्रतीक है और इसे भविष्य में और अधिक भव्य एवं विस्तृत स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा। विशिष्ट अतिथि विनोद खुल्बे ने भी सभी को महोत्सव की शुभकामनाएं दीं।

अंतरविद्यालयी समूह लोक नृत्य प्रतियोगिता में रानीखेत मिशन इंटर कॉलेज ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। राजकीय इंटर कॉलेज दूसरे और राजकीय आदर्श बालिका इंटर कॉलेज तीसरे स्थान पर रहा। विद्यालयों के विद्यार्थियों ने कुमाऊं की लोक संस्कृति पर आधारित नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं।

विद्यार्थियों की शकुनाखर प्रतियोगिता में राजकीय आदर्श बालिका इंटर कॉलेज ने प्रथम स्थान हासिल किया। मिशन इंटर कॉलेज द्वितीय और राजकीय इंटर कॉलेज देवलीखेत तृतीय स्थान पर रहा। पारंपरिक शकुनाखर गीतों की प्रस्तुतियों ने पहाड़ की पुरानी सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत कर दिया।

महिलाओं की विवाह गीत प्रतियोगिता में शिव मंदिर मातृ शक्ति समूह प्रथम, चेली ब्वारी ग्रुप द्वितीय और गौरा स्वयं सहायता समूह चिलियानौला तृतीय स्थान पर रहा। नारी शक्ति देवलीखेत दुभणा समूह को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। विवाह गीतों की प्रस्तुतियों के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक लोकधुनों और रीति-रिवाजों की झलक पेश की।

विजेताओं को सिटी मांटेसरी स्कूल गनियाद्योली के प्रधानाचार्य विनोद खुल्बे, समिति के सांस्कृतिक संयोजक विमल सती, संरक्षक हरीश लाल साह, अध्यक्ष गौरव भट्ट, उपाध्यक्ष दीपक पंत, महासचिव गौरव तिवारी, अभिषेक कांडपाल और परमवीर माहरा ने पुरस्कार प्रदान किए। कार्यक्रम का संचालन दीपक पंत और गौरव तिवारी ने किया, जबकि निर्णायक की भूमिका दीपक रावत ने निभाई।

महोत्सव के सांस्कृतिक संयोजक विमल सती ने बताया कि सोमवार को पूर्वाह्न 11 बजे ऐपण प्रतियोगिता, दोपहर एक बजे उत्तराखंडी व्यंजन प्रतियोगिता और ढाई बजे फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित होगी। शाम सात बजे सशस्त्र सीमा बल का ड्रम बैंड सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति देगा। वहीं पारंपरिक झोड़ा और उत्तराखंडी परिधान प्रतियोगिताएं 22 सितंबर को आयोजित की जाएंगी।