647 दिनों बाद मयंक यादव की वापसी, जिम्बाब्वे पर बरपाएंगे कहर

647 दिनों बाद मयंक यादव की वापसी, जिम्बाब्वे पर बरपाएंगे कहर

ब्यरो रिपोर्ट

इंग्लैंड दौरे की निराशा को पीछे छोड़ते हुए भारतीय क्रिकेट टीम अब 23 जुलाई से शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज में जिम्बाब्वे का सामना करेगी। टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में होगी, जो कप्तान बनने के बाद अपनी पहली जीत की तलाश में हैं। हालांकि, इस सीरीज में सबसे ज्यादा नजरें युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव की वापसी पर टिकी हैं।

चोटों के कारण लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहे मयंक यादव यदि पहले टी20 मुकाबले में अंतिम एकादश का हिस्सा बनते हैं तो वह 647 दिनों बाद टीम इंडिया के लिए मैदान पर उतरेंगे। भारतीय क्रिकेट में उन्हें भविष्य का सबसे तेज गेंदबाज माना जा रहा है और उनकी रफ्तार किसी भी बल्लेबाजी क्रम के लिए चुनौती बन सकती है।

रफ्तार है सबसे बड़ी ताकत

मयंक यादव की पहचान उनकी तेज गति से है। वह लगातार 150 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से गेंदबाजी करने में सक्षम हैं। आईपीएल 2024 में लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 156.7 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी थी, जो उस सीजन की सबसे तेज गेंदों में शामिल रही।

विशेषज्ञों का मानना है कि जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को इतनी तेज गति की गेंदों का सामना करने की आदत कम है, ऐसे में मयंक भारतीय टीम के लिए बड़ा हथियार साबित हो सकते हैं।

चोटों ने रोकी रफ्तार

मयंक यादव ने भारत के लिए अपना टी20 अंतरराष्ट्रीय पदार्पण 6 अक्टूबर 2024 को बांग्लादेश के खिलाफ किया था। उन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 12 अक्टूबर 2024 को इसी सीरीज में खेला था। अब संभावित वापसी के साथ वह करीब 647 दिनों बाद फिर से भारतीय जर्सी में नजर आ सकते हैं।

अब तक खेले गए तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में मयंक चार विकेट अपने नाम कर चुके हैं। हालांकि, उनके चोटिल होने का इतिहास टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। यदि वह पूरी तरह फिट रहते हैं तो जिम्बाब्वे दौरे पर भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की सबसे बड़ी ताकत साबित हो सकते हैं।