

भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) फ्रेंचाइजी लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) की कप्तानी छोड़ दी है। फ्रेंचाइजी ने उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। LSG का यह सीजन बेहद खराब रहा और टीम पॉइंट्स टेबल में आखिरी स्थान पर रही।



फ्रेंचाइजी के क्रिकेट निदेशक टॉम मूडी ने बयान में कहा कि ऋषभ पंत ने खुद कप्तानी छोड़ने का अनुरोध किया था, जिसे सम्मानपूर्वक स्वीकार कर लिया गया। हालांकि उन्होंने टीम के भविष्य को लेकर पुनर्गठन (री-बिल्ड) की बात भी कही।

ऋषभ पंत को IPL 2025 में LSG ने 27 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राशि में खरीदा था, जिससे वह लीग इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बने थे। उनसे टीम को बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन उनका व्यक्तिगत प्रदर्शन और टीम का परिणाम दोनों ही उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे।



पिछले सीजन में भी LSG का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था, जहां टीम सातवें स्थान पर रही थी। इस बार भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और टीम अंक तालिका में सबसे नीचे रही।

पंत के बल्लेबाजी प्रदर्शन की बात करें तो इस सीजन में उन्होंने 14 मैचों में 312 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट करीब 138 रहा, लेकिन बड़े स्कोर लगातार नहीं आ सके। इससे पहले सीजन में भी उनका प्रदर्शन औसत ही रहा था।
फ्रेंचाइजी के अंदर नेतृत्व और रणनीति को लेकर असहमति की चर्चाएं भी लगातार सामने आती रहीं। सीजन के दौरान कप्तान और टीम मैनेजमेंट के बीच मतभेद की खबरें सोशल मीडिया और क्रिकेट हलकों में चर्चा का विषय बनी रहीं।


LSG के मालिक संजीव गोयनका और ऋषभ पंत के बीच मैदान के बाहर बातचीत और बहस की तस्वीरें भी वायरल हुई थीं, जिसने विवाद को और हवा दी। हालांकि फ्रेंचाइजी ने बाद में एक वीडियो जारी कर स्थिति को सामान्य बताने की कोशिश की थी।


पूर्व IPL चेयरमैन ललित मोदी ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए फ्रेंचाइजी मैनेजमेंट पर सवाल उठाए और इसे खिलाड़ियों के लिए दबावपूर्ण माहौल बताया। हालांकि इन आरोपों पर LSG की ओर से कोई विस्तृत जवाब सामने नहीं आया है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार खराब प्रदर्शन और कप्तानी के दबाव ने पंत के खेल पर असर डाला। कई जानकारों के अनुसार, टीम के भीतर निर्णय प्रक्रिया और नेतृत्व ढांचे ने भी असंतोष पैदा किया।

हालांकि पंत का करियर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेहद शानदार रहा है। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने भारत के लिए कई ऐतिहासिक पारियां खेली हैं, खासकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ब्रिस्बेन टेस्ट में उनकी नाबाद 89 रनों की पारी को हमेशा याद किया जाता है।
क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि कप्तानी से हटना पंत के लिए एक नई शुरुआत हो सकता है, जिससे वे आने वाले सीजन में अपने बल्लेबाजी प्रदर्शन पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।
अब देखना होगा कि ऋषभ पंत आगे किस भूमिका में नजर आते हैं और LSG फ्रेंचाइजी नए नेतृत्व के साथ अपनी टीम को कैसे दोबारा मजबूत करती है।

