
स्थान : हल्द्वानी

रिपोर्टर : संजय जोशी

शहर में विकास कार्यों के बीच लगातार हो रहे सड़क हादसों ने नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर कृषि कार्यों में इस्तेमाल होने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का कथित कमर्शियल उपयोग और भारी वाहनों की बेरोकटोक आवाजाही को लेकर प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठाए जा रहे हैं।


हाल ही में हुए दर्दनाक हादसे में एक वरिष्ठ नागरिक की ट्रक के नीचे आने से मौत हो गई। इस घटना ने शहर में आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। घटना के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क सुरक्षा और अवैध व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के नाम पर सड़कें खोद दी गई हैं, ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई है और भारी वाहनों की एंट्री पर प्रभावी नियंत्रण नहीं है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।


हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुमित हृदयेश ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि प्रशासन की लापरवाही के कारण एक वरिष्ठ नागरिक की जान गई है। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का कमर्शियल उपयोग नियमों के खिलाफ है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

विधायक ने मांग की कि शहर में भारी वाहनों की आवाजाही के लिए सख्त समय सीमा तय की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने और दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

शहरवासियों का कहना है कि विकास कार्य आवश्यक हैं, लेकिन नागरिकों की सुरक्षा उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावी कदम उठाने की अपेक्षा जताई।
अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कौन से ठोस कदम उठाता है और शहर में सड़क सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीरता दिखाई जाती है।

