
स्थान -मसूरी

ब्यूरो रिपोट

पहाड़ों की रानी मसूरी की पहचान रही मालरोड अब एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। प्रशासन ने मालरोड से पारंपरिक साइकिल रिक्शा हटाकर उनकी जगह गोल्फ कार्ट और ई-रिक्शा चलाने का फैसला लिया है। मसूरी नगर पालिका परिशद के अधिषासी अधिकारी गौरव भसीन ने कहा कि मसूरी के सौंदर्यीकरण और मालरोड पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए यह फैसला जरूरी हो गया था।


प्रशासन की योजना के अनुसार शुरुआती चरण में करीब 40 गोल्फ कार्ट चलाई जाएंगी। हर गोल्फ कार्ट में दो लोगों को समायोजित किया जाएगा ताकि अधिकतम श्रमिकों को रोजगार मिल सके। जो गोल्फ कार्ट पहले से संचालित हैं, उनमें भी अतिरिक्त व्यक्ति को जोड़ा जाएगा। उन्होने स्पष्ट किया कि कुल 121 रिक्शा श्रमिक इस बदलाव से प्रभावित होंगे। ऐसे में विस्थापन को संतुलित करने के लिए चरणबद्ध तरीके से गोल्फ कार्ट मंगाई जाएंगी।


उन्होंने कहा कि यदि सहमति बनती है तो ये वाहन केवल मालरोड ही नहीं, बल्कि मसूरी के अन्य प्रमुख स्थलों पर भी संचालित किए जाएंगे, जिससे पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिलेगी और मालरोड पर भीड़ कम होगी। उन्होने बताया कि जो श्रमिक रिक्शा संचालन जारी नहीं रखना चाहते, उन्हें लगभग सवा दो लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए सूची तैयार की जाएगी।विशेष रूप से 13 विधवा महिलाओं को वेडिंग जोन में समायोजित करने की योजना है, ताकि उनका रोजगार प्रभावित न हो। उन्होने बताया कि रिक्षा चालकों को 15 दिन के भीतर प्रस्ताव देने को कहा है, जिससे अंतिम निर्णय लागू किया जा सके।
मालरोड मसूरी की पहचान है, जहां रोजाना हजारों पर्यटक सैर करने आते हैं। ऐसे में प्रशासन का यह निर्णय शहर की पारंपरिक तस्वीर को बदलने वाला साबित हो सकता है। जहां एक ओर यह कदम आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन की दिशा में माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर वर्षों से साइकिल रिक्शा चलाकर आजीविका कमाने वाले परिवारों के लिए यह बदलाव भावनात्मक और आर्थिक दोनों रूप से महत्वपूर्ण है।


