
स्थान -देहरादून

ब्यूरो रिपोट

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसा जनहितकारी बजट तैयार करना है, जो प्रदेश की वास्तविक जरूरतों, क्षेत्रीय विशेषताओं और जनअपेक्षाओं के अनुरूप हो। उन्होंने बजट को केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकास का रोडमैप बताया।


उन्होंने संवाद में शामिल सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग – जैसे पर्यटन व्यवसायी, किसान, महिला स्वयं सहायता समूह और उद्यमी – की अपेक्षाओं को बजट में समुचित रूप से परिलक्षित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राप्त सुझाव राज्य के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बजट निर्माण की प्रक्रिया को पारदर्शी, सहभागी और जनोन्मुखी बनाने का संकल्प लिया गया है। सीमांत क्षेत्रों सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में संवाद आयोजित किए जा रहे हैं ताकि विकास का लाभ हर वर्ग तक पहुंचे।


उन्होंने प्रदेश में होमस्टे, स्वरोजगार और निवेश के नए अवसरों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों को उद्यमी बनाना, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना है। बजट पूर्व संवाद में प्राप्त सुझावों का गंभीरता से परीक्षण कर उन्हें आगामी बजट और नीतिगत निर्णयों में शामिल किया जाएगा।

संवाद में ग्रामीण विकास के लिए अनुदान वृद्धि, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीवर लाइन एवं शौचालय निर्माण, पंचायत सशक्तिकरण, बंजर भूमि के उत्पादक उपयोग और ग्राम स्तर पर सोलर प्लांट संचालन जैसे सुझाव सामने आए। शहरी क्षेत्रों के लिए नगर निकाय संसाधनों में वृद्धि, पार्किंग एवं सफाई व्यवस्था सुधार और सोलर सिटी की अवधारणा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।


कृषि एवं उद्योग क्षेत्र में पर्वतीय कृषि प्रोत्साहन, उच्च मूल्य वाली फसलें, पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन, कोल्ड स्टोरेज और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने की मांग की गई। महिला सशक्तिकरण के लिए प्रशिक्षण केंद्र, ब्याज-मुक्त ऋण और स्थानीय सेवाओं में प्राथमिकता देने की बात कही गई।
राजकुमार पोरी ने कहा कि जनसहभागिता आधारित बजट प्रदेश के संतुलित विकास की नींव बनेगा। स्वाति एस. भदौरिया ने संवाद के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्राप्त सुझाव संतुलित, समावेशी और सतत विकास के लिए मार्गदर्शक होंगे।

