
स्थान : लालकुआँ

ब्यूरो रिपोर्ट

लालकुआँ विधानसभा क्षेत्र के बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने एवं अधिसूचना जारी करने की वर्षों पुरानी मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। बिंदुखत्ता संयुक्त संघर्ष समिति ने 18 फरवरी को बिंदुखत्ता से लालकुआँ तहसील तक विशाल रैली और धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है, जिसमें 30 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।


आंदोलन को लेकर आज बिंदुखत्ता स्थित काररोड पर संयुक्त संघर्ष समिति की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति से जुड़े पदाधिकारी, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए जनसमर्थन जुटाने का संकल्प लिया।

बैठक में वक्ताओं ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम 2006 (FRA) के तहत बिंदुखत्ता क्षेत्र के सामुदायिक दावे खंड स्तरीय समिति (SDLC) और जिला स्तरीय समिति (DLC) से मंजूरी प्राप्त कर चुके हैं। संबंधित फाइलें शासन को भेजी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक राजस्व गांव की अधिसूचना जारी नहीं की गई। करीब एक लाख की आबादी वाले इस क्षेत्र के लोग पंचायती राज व्यवस्था, प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए वर्षों से प्रतीक्षा कर रहे हैं।


वक्ताओं ने स्थानीय विधायक के हालिया बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि विधायक द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि वन अधिकार कानून के तहत तीन पीढ़ी या 75 वर्ष पूरे नहीं हो रहे हैं, जबकि SDLC और DLC स्तर पर बिंदुखत्ता के किसी भी दावे में ऐसी कोई आपत्ति दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने विधायक के ‘नया रास्ता’ बताने के बयान को भी खारिज किया।

बैठक में यह भी कहा गया कि एक प्रस्ताव वर्ष 2006 से केंद्र सरकार के पास और दूसरा 2020 से राज्य सरकार के पास लंबित है, जो सुप्रीम कोर्ट की रोक के कारण अटका हुआ है। ऐसे में नया रास्ता बताना आंदोलन को कमजोर करने की साजिश माना जा रहा है।

समिति ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार 18 फरवरी से पहले राजस्व गांव की अधिसूचना जारी कर देती है, तो प्रस्तावित आंदोलन को धन्यवाद रैली में बदल दिया जाएगा। वहीं, सरकार की देरी को पूरी तरह विफलता करार देते हुए चेतावनी दी गई कि 18 फरवरी का आंदोलन निर्णायक होगा।

स्थानीय लोगों में आंदोलन को लेकर एकजुटता बढ़ती जा रही है। विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के साथ-साथ भाजपा पदाधिकारियों का भी खुले तौर पर समर्थन आंदोलन को प्राप्त होता दिखाई दे रहा है। समिति ने लोगों से अपील की है कि वे किसी के बहकावे में न आएं और आंदोलन में शामिल होकर इसे सफल बनाएं।

