
स्थान : चंपावत

ब्यूरो रिपोर्ट

जिले के बाराकोट क्षेत्र में चार दिन पूर्व कुछ शिक्षक स्कूल समय के दौरान बाजार में घूमते हुए देखे गए। मामले का संज्ञान लेते हुए खंड शिक्षा अधिकारी बाराकोट ने जांच कराई, जिसमें संबंधित विद्यालय निर्धारित समय से पहले बंद पाया गया।

जांच के बाद खंड शिक्षा अधिकारी ने तीन शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा। शिक्षकों ने अपने जवाब में क्षेत्र में गुलदार (तेंदुआ) की मौजूदगी का हवाला दिया, लेकिन विभाग ने इस स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं माना।


मामले को मुख्य शिक्षा अधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि स्कूल समय पर न पहुंचने और समय से पूर्व विद्यालय छोड़ने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य शिक्षा अधिकारी ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी बाराकोट द्वारा संबंधित शिक्षकों से जवाब-तलब किया गया है और पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि इस प्रकार की घटनाएं सामने आती हैं तो संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। शिक्षा विभाग अनुशासनहीनता को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।


सीईओ ने कहा कि शिक्षकों के साथ बच्चों का भविष्य जुड़ा होता है, इसलिए समय की पाबंदी और जिम्मेदारी बेहद आवश्यक है। उन्होंने जिले के सभी शिक्षकों को निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचने और विद्यालय अवधि पूर्ण होने के बाद ही प्रस्थान करने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा विभाग की इस सख्ती के बाद जिले के विद्यालयों में अनुशासन को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।

