


लोकेशन…….लक्सर
रिपोर्टर…..रामगोपाल


उत्तराखंड सरकार ने हाल ही में मदरसा बोर्ड और अल्पसंख्यक शिक्षा बोर्ड को समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही मदरसों के संचालन और शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलावों का रास्ता साफ किया गया है।


लक्सर और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 3 दर्जन से अधिक मदरसे संचालित हो रहे हैं। इन मदरसों के संचालक और उनसे जुड़े मौलाना सरकार के इस निर्णय से नाराज हैं।


कर्ण कपूर स्थित बड़े मदरसे के संचालक मौलाना मुश्किल आलम ने कहा कि सरकार केवल एक समुदाय को लक्षित कर रही है। उनके मदरसे में दोनों तरह की पढ़ाई—धार्मिक और सामान्य—साथ में दी जाती थी। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से मदरसों की प्रगति को नुकसान होगा।



इसके अलावा, पेश इमाम मोहम्मद साहिल और अन्य मौलानाओं ने भी निर्णय पर आपत्ति जताई। उनका आरोप है कि सरकार मदरसों की शिक्षा पद्धति को नष्ट करने में लगी हुई है, जिससे शिक्षा में सुधार नहीं हो पाएगा।


सरकार ने हालांकि कहा है कि निर्णय सभी मदरसों और अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थानों के लिए समान रूप से लागू होगा और आगे के कदम संबंधित अधिकारियों की सलाह पर तय किए जाएंगे।




