


स्थान:चंपावत
रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट


माननीय उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंपावत के तत्वावधान में रविवार को “नालसा योजना, 2015” के अंतर्गत “ड्रग्स मुक्ति जागरूकता अभियान” का आयोजन किया गया।



कार्यक्रम की अगुवाई जिला जज अनुज कुमार संगल, मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट निहारिका मित्तल गुप्ता और सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री भवदीप रावते ने की।

अभियान के तहत गोलू देवता मंदिर से नगर के मुख्य बाजार होते हुए बस स्टेशन तक जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में चंपावत और लोहाघाट के समस्त पी.एल.वी./अधिकार मित्र, प्रो-बोनो पीएलवी, अधिवक्ता, स्वयंसेवी संगठन, विद्यालयों के छात्र-छात्राएं और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। रैली का शुभारंभ चंपावत मुख्य बाजार से हुआ।



प्रतिभागियों ने “नशा मुक्त समाज – सुरक्षित भविष्य” और “ड्रग्स से मुक्ति – नई पीढ़ी की सुरक्षा” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से दूर रहने का संदेश दिया।

जिला जज अनुज कुमार संगल ने बताया कि अभियान का उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों, संबंधित कानूनी प्रावधानों और पुनर्वास योजनाओं के बारे में जनता को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि भारत में लगभग 7 करोड़ लोग नशीले पदार्थों के दुरुपयोग में लिप्त हैं, जिनमें 9-10 वर्ष के बच्चे भी शामिल हैं, जो समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।


वक्ताओं ने कहा कि समाज में नशे की रोकथाम केवल कानूनी उपायों से नहीं, बल्कि सामूहिक जनजागरूकता और शिक्षा से ही संभव है। उन्होंने विद्यालयों, महाविद्यालयों, झुग्गी-झोपड़ियों और असंगठित क्षेत्रों में निरंतर जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया।

कार्यक्रम का समापन “ड्रग्स से मुक्ति – नई पीढ़ी की सुरक्षा” के संकल्प और सामूहिक नशा न करने की शपथ के साथ किया गया।

यह अभियान जनता में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


