





केंद्र सरकार ने पेश किया नया डिजिटल डेटा सुरक्षा ड्राफ्ट

भारत सरकार ने बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट्स बनाने और उनके डेटा के उपयोग को लेकर नया नियम पेश किया है। इसके तहत, बिना माता-पिता की इजाजत के अब बच्चे सोशल मीडिया अकाउंट न तो बना पाएंगे और न ही इस्तेमाल कर पाएंगे। इतना ही नहीं, बच्चों के डेटा का इस्तेमाल करने से पहले कंपनियों को भी बच्चों के माता-पिता की मंजूरी लेनी होगी। यह कदम डेटा सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है।


नए नियम में क्या है?
बच्चों से जुड़े डेटा के लिए माता-पिता की सहमति जरूरी
डिजिटल डेटा सुरक्षा के मसौदे में यह साफ किया गया है कि बच्चों के डेटा का उपयोग और संग्रहण तभी किया जा सकेगा, जब उनके माता-पिता से स्पष्ट सहमति प्राप्त की जाएगी। यानी, सोशल मीडिया या अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों के खाते बनाने या उनके डेटा का इस्तेमाल करने के लिए पहले माता-पिता की अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

18 फरवरी के बाद अंतिम निर्णय
केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए मसौदा नियमों के तहत, इन नियमों पर 18 फरवरी, 2025 के बाद विचार किया जाएगा। इसके बाद ही इन नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा। मसौदा नियमों में किसी भी दंडात्मक कार्रवाई का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन इसमें व्यक्तियों की सहमति लेने की प्रक्रिया पर जोर दिया गया है।




क्यों जरूरी है यह नियम?
बच्चों की सुरक्षा और डेटा प्रोटेक्शन
यह कदम बच्चों के डिजिटल सुरक्षा और उनके व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। बच्चों के डेटा के बिना माता-पिता की सहमति के इस्तेमाल से बचने के लिए यह नियम बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उनकी गोपनीयता और सुरक्षा को प्राथमिकता देता है।



नियमों पर सार्वजनिक परामर्श जारी
मसौदा नियमों के लिए सार्वजनिक परामर्श mygov डॉट इन वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसमें आम लोग और विशेषज्ञ इस पर अपनी टिप्पणियां और सुझाव दे सकते हैं, जिससे नियमों में सुधार किया जा सके।


डिजिटल डाटा सुरक्षा विधेयक 2023 का प्रभाव
यह नियम डिजिटल डाटा सुरक्षा विधेयक 2023 के अंतर्गत लाए गए हैं। संसद द्वारा मंजूरी मिलने के बाद, इन नियमों का मसौदा सार्वजनिक किया गया है। इसके तहत, बच्चों के डेटा को लेकर कंपनियों की जिम्मेदारी बढ़ाई गई है और उनका डेटा बिना सहमति के इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। इस नए नियम से बच्चों के डेटा की सुरक्षा को लेकर पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित होगी।




