
स्थान : लालकुआँ
रिपोर्टर :- मुन्ना अंसारी

लालकुआँ स्थित जीवित आशा चर्च में ईस्टर डे बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए और प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान दिवस को उत्साहपूर्वक मनाया।


कार्यक्रम के दौरान पास्टर शुकुमार सूरज ने विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया। उन्होंने प्रभु यीशु मसीह के पुनर्जीवित होने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को ईस्टर के आध्यात्मिक संदेश से अवगत कराया।


पास्टर ने अपने संदेश में कहा कि ईस्टर आशा, विश्वास और नई शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से प्रेम, भाईचारे और मानवता के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।


इस अवसर पर बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। नृत्य, गीत और नाटक के माध्यम से बच्चों ने प्रभु यीशु के जीवन और उनके बलिदान को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों और भजनों के माध्यम से चर्च का माहौल भक्तिमय बना दिया। पूरे परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।

ईस्टर डे के अवसर पर केक काटकर भी खुशी जाहिर की गई। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को बधाई देते हुए प्रभु यीशु मसीह के पुनर्जीवित होने की खुशी साझा की।

बताया जाता है कि ईसाई धर्म के अनुसार, प्रभु यीशु मसीह को सूली पर चढ़ाए जाने के तीसरे दिन वे पुनर्जीवित हो गए थे। इसी घटना की स्मृति में हर वर्ष ईस्टर डे मनाया जाता है, जो पूरी दुनिया में आस्था और विश्वास का प्रतीक है।

