

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट


वैश्विक परिस्थितियों के चलते बढ़ती ईंधन लागत, संसाधनों पर आर्थिक दबाव और ऊर्जा संरक्षण की आवश्यकता को देखते हुए जनपद चम्पावत में व्यापक जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। शासन के निर्देशों के तहत अब प्रत्येक शनिवार को विशेष ‘नो व्हीकल डे’ अभियान चलाया जाएगा।


इस अभियान की शुरुआत शनिवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार ने स्वयं की। उन्होंने जिलाधिकारी आवास से जिला कार्यालय तक पैदल यात्रा कर लोगों को ऊर्जा संरक्षण का संदेश दिया। उनके साथ कई वरिष्ठ अधिकारी भी पैदल कार्यालय पहुंचे।


रास्ते में जिलाधिकारी ने आम नागरिकों से बातचीत की और उनकी समस्याएं व सुझाव सुने। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।


जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास ही बड़े परिवर्तन की नींव रखते हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति सप्ताह में एक दिन निजी वाहनों का कम उपयोग करे और ईंधन की बचत पर ध्यान दे, तो इसका सकारात्मक प्रभाव समाज और पर्यावरण दोनों पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऊर्जा संरक्षण केवल सरकारी व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक की सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी बन चुका है।

अभियान के तहत जनपद में कारपूलिंग, सार्वजनिक परिवहन, पैदल चलने और साइकिल के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि ईंधन की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिल सके।


जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि वे ऊर्जा संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और अनावश्यक खर्चों में कमी लाकर समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
उन्होंने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, उपजिलाधिकारी विपिन पंत, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी दीप्तिकीर्ति तिवारी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी भी अपने-अपने आवासों से पैदल चलकर जिला कार्यालय पहुंचे और अभियान में भागीदारी निभाई।

