

स्थान : लक्सर
ब्यूरो रिपोर्ट


लक्सर तहसील में नाजिर पद पर तैनात कर्मचारियों द्वारा पत्रकारों से कथित अभद्रता का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और विरोध तेज होता जा रहा है।


पत्रकारों के समर्थन में अब कई प्रेस क्लब, किसान संगठन और भीम आर्मी खुलकर सामने आ गए हैं। वहीं यह विवाद धीरे-धीरे राजनीतिक रंग भी लेता दिखाई दे रहा है, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।


लक्सर प्रेस क्लब एसोसिएशन ने कर्मचारियों के स्थानांतरण की मांग पर अडिग रुख अपनाया है। संगठन का कहना है कि अब तक जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल या वार्ता नहीं की गई है, जिससे असंतोष और बढ़ गया है।


इसी के विरोध में 29 मई को बड़े आंदोलन का ऐलान किया गया है। आंदोलन को लेकर विभिन्न संगठनों द्वारा रणनीति तैयार की जा रही है और तैयारियां तेजी से चल रही हैं।

इस आंदोलन को अब व्यापक समर्थन मिलने लगा है। हरिद्वार जिले के कई प्रेस क्लबों के साथ-साथ किसान संगठनों और भीम आर्मी ने भी आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की है।


इसके अलावा लक्सर से बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद और खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने भी पत्रकारों के समर्थन में खुलकर बयान दिया है।


“जब तक पत्रकारों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। जरूरत पड़ी तो तहसील बंद कराने से भी पीछे नहीं हटेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।”
वहीं लक्सर व्यापार मंडल ने भी इस आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है। बड़ी संख्या में व्यापारी आज प्रेस क्लब पहुंचकर अपना समर्थन दर्ज कराएंगे।
लगातार बढ़ते समर्थन के चलते यह मामला अब केवल पत्रकारों और कर्मचारियों के बीच का विवाद नहीं रह गया है, बल्कि एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है।
29 मई को होने वाले प्रस्तावित आंदोलन पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। देखना होगा कि जिला प्रशासन कोई समाधान निकालता है या फिर लक्सर की सड़कों पर बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिलेगा।

