नीट पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, युवाओं के नाम जारी किया भावुक पत्र

नीट पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, युवाओं के नाम जारी किया भावुक पत्र

ब्यूरो रिपोर्ट

नीट-यूजी 2026 परीक्षा में पेपर लीक विवाद और देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा करते हुए कहा कि पिछले दस दिनों की घटनाओं ने उन्हें गहराई से व्यथित किया है। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि मौजूदा परिस्थितियों का लाभ राष्ट्र विरोधी ताकतें उठाएं या देश के विद्यार्थियों का भविष्य कानूनी विवादों में उलझे।

युवाओं के नाम जारी अपने पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वह पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। उनका हमेशा यह विश्वास रहा है कि मजबूत, पारदर्शी और समावेशी शिक्षा व्यवस्था ही देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि युवाओं की आकांक्षाओं और उनके सपनों का सम्मान करना हर जनप्रतिनिधि का नैतिक दायित्व है।

प्रधान ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि 3 मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं की जानकारी मिलने के बाद केंद्र सरकार ने तत्काल सीबीआई जांच के आदेश दिए, परीक्षा रद्द की और पुनः परीक्षा आयोजित कराने का निर्णय लिया। साथ ही उन्होंने बताया कि अगले वर्ष से परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराने का फैसला भी लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा निष्पक्ष और सुचारु रूप से संपन्न कराना रही।

उन्होंने लिखा कि परीक्षा के पहले दिन से ही उन्होंने पूरे मामले की जिम्मेदारी स्वीकार की और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि पुनर्परीक्षा के बाद घोषित परिणाम संतोषजनक रहे, लेकिन इस दौरान कुछ लोगों द्वारा छात्रों को गुमराह करने की कोशिशों से उन्हें गहरा दुख पहुंचा। उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है और उसका भविष्य किसी भी प्रकार के विवाद में नहीं फंसना चाहिए।

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, विश्वास और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों का धन्यवाद देते हुए कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी वह देश, ओडिशा और युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करते रहेंगे।

  • अब तक क्या क्या हुआ?
  • 3 मई– देशभर में NEET-UG 2026 परीक्षा हुई।
  • 12 मई– पेपर लीक के आरोप लगे, परीक्षा रद्द कर री-एग्जाम की घोषणा की गई।
  • 15 मई– CJ। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह हर जगह फैल जाते हैं।
  • 16 मई– अभिजीत दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी का अकाउंट बनाया, सोशल मीडिया मूवमेंट शुरू हुआ।
  • 6 जून– CJP ने शिक्षा मंत्री के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहली बार प्रदर्शन किया।
  • 20 जून– कॉकरोच पार्टी ने जंतर-मंतर पर दूसरा विरोध प्रदर्शन हुआ, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ के मांग।
  • 28 जून– कॉकरोच पार्टी का समर्थन कर रहे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक अनशन पर बैठ गए।
  • 20 जुलाई– संसद के मानसून सत्र के पहले दिन CJP ने ‘चलो संसद’ मार्च निकाला। प्रदर्शन में शामिल लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज और टियर गैस का इस्तेमाल किया।
  • 21 जुलाई– राहुल, प्रियंका और अखिलेश यादव ने पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन किया।
  • 21 जुलाई– संसद के मानसून सत्र में विपक्ष ने NEET, लाठीचार्ज और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का मुद्दा उठाया।
  • 22 जुलाई– संसद में लगातार तीन दिन विपक्ष ने प्रदर्शन जारी रखा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
  • 23 जुलाई– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया। लेकिन विपक्ष ने इस्तीफे की मांग रखी।
  • 24 जुलाई– पेपर लीक के बीच NTA ने 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया। इनके खिलाफ केस भी दर्ज होगा।
  • 25 जुलाई– शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया।