
स्थान – हरिद्वार

ब्यूरो रिपोट

हरिद्वार के रावली महदूद ब्रह्मपुरी क्षेत्र में बनी नई पुलिया एक ही रात में धराशायी हो गई। 25 फरवरी की रात तैयार बताई गई पुलिया 26 फरवरी की सुबह नाले में गिरी हुई मिली। घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।


जानकारी के अनुसार, इस पुलिया का उद्घाटन 9 फरवरी को विधायक आदेश चौहान द्वारा किया गया था। आरोप है कि उद्घाटन के समय भी निर्माण कार्य पूरी तरह से पूरा नहीं हुआ था। इसके बावजूद जल्दबाजी में इसे चालू कर दिया गया।


स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिया लाखों रुपये की लागत से बनाई गई थी, लेकिन पहली ही रात में उसका गिर जाना घटिया निर्माण सामग्री और संभावित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। लोगों ने निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की है।


बताया गया कि पुलिया का निर्माण कार्य 7 फरवरी को शुरू हुआ था और महज दो दिन बाद 9 फरवरी को उसका उद्घाटन कर दिया गया। निर्माण की समयसीमा और गुणवत्ता को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या कार्य मानकों के अनुरूप हुआ था या नहीं।

इस पुलिया के जरिए रावली महदूद और रामधाम कॉलोनी के करीब 2 से 3 हजार लोगों को सीधी आवाजाही की सुविधा मिलनी थी। पुलिया गिरने से पिछले 17 दिनों से लोगों को लगभग 2 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही थी, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा था।

घटना के बाद स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
क्षेत्र में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए अब जांच की मांग तेज हो गई है। प्रशासन की ओर से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

