
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में टीम इंडिया गुरुवार (26 फरवरी) को जिम्बाब्वे के खिलाफ अहम मैच खेल रही है। इस बीच टीम के भरोसेमंद फिनिशर रिंकू सिंह एक बार फिर स्क्वॉड में शामिल होने जा रहे हैं।


रिंकू 24 फरवरी को अपने पिता से मिलने के लिए चेन्नई का प्रशिक्षण कैम्प छोड़कर ग्रेटर नोएडा गए थे। उनके पिता स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे हैं और वेंटिलेटर पर थे। पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाने के बाद रिंकू दिल्ली से चेन्नई के लिए उड़ान भरकर टीम में लौटेंगे।


टीम इंडिया को सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए जिम्बाब्वे पर बड़ी जीत दर्ज करनी होगी। सुपर-8 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रन से हारने के बाद समीकरण और जटिल हो गए हैं।


कोचिंग स्टाफ ने संकेत दिए हैं कि प्लेइंग 11 में बदलाव हो सकता है। टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की अधिकता के कारण ऑफ स्पिन के खिलाफ परेशानी दिखी थी। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि किस खिलाड़ी को बाहर बैठना पड़ता है।


रिंकू ने टूर्नामेंट के अब तक सभी मैच खेले हैं, लेकिन उन्हें निचले क्रम में सीमित मौके मिले। अमेरिका और नामीबिया के खिलाफ वे सिंगल डिजिट स्कोर पर आउट हुए, जबकि पाकिस्तान के खिलाफ 4 गेंदों में नाबाद 11 रन और नीदरलैंड्स के खिलाफ 3 गेंदों में 6 रन बनाए। साउथ अफ्रीका के खिलाफ उनका दो गेंदों पर शून्य पर आउट होना चिंता का विषय रहा।

हालांकि जिम्बाब्वे के खिलाफ रिंकू का रिकॉर्ड खासा मजबूत रहा है। उन्होंने कुल 5 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 4 पारियों में 3 बार नाबाद रहते हुए 60 रन बनाए, स्ट्राइक रेट 176.47 का रहा। 2024 में हरारे में उन्होंने नाबाद 48 रन की मैच जिताऊ पारी खेली थी।

टीम इंडिया के फैंस की नजरें अब रिंकू के प्लेइंग 11 में शामिल होने पर टिकी हैं। उनके अनुभव और फिनिशिंग स्किल से टीम को जिम्बाब्वे के खिलाफ जीत में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


