खटीमा दमगड़ा में विवादित जमीन पर ट्रैक्टर से फसल रौंदी, प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल

खटीमा दमगड़ा में विवादित जमीन पर ट्रैक्टर से फसल रौंदी, प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल

स्थान – खटीमा

रिपोर्टर – अशोक सरकार

खटीमा के दमगड़ा गांव में 125 एकड़ विवादित जमीन को लेकर तलवार परिवार और अन्य दावेदारों के बीच विवाद और गर्मा गया है। यह जमीन मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र के पास स्थित है और पिछले कई वर्षों से कानूनी जंग का विषय बनी हुई है।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस और राजस्व विभाग की भारी मौजूदगी में अचानक ट्रैक्टर खेतों में उतर आए और गन्ना, गेहूं, लाई और मटर की खड़ी फसल को रौंद दिया गया। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि ट्रैक्टरों पर नंबर प्लेट तक नहीं थी, जो किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।

मामला तब और उलझ गया जब जमीन के अलग-अलग दावेदार सामने आने लगे। प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर कश्मीर सिंह नामक व्यक्ति को कब्जा दिलाया। तलवार परिवार का कहना है कि वे पिछले 60 वर्षों से इस जमीन को जोत रहे हैं और उन्हें अपनी बात रखने का मौका तक नहीं दिया गया।

इस कार्रवाई ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। यूकेडी के केंद्रीय सचिव मौके पर पहुंचे और स्थानीय विधायक भुवन कापड़ी के नेतृत्व में किसानों ने तहसील तक जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने इसे ‘खेती माफिया’ और प्रशासन की मिलीभगत करार दिया।

विपक्ष ने भी इस मामले में सीबीआई जांच की मांग शुरू कर दी है। विवाद ने खटीमा के किसानों में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है।

एसडीएम तुषार सैनी ने कहा कि जो कागजात प्रस्तुत किए गए, उनके अनुसार फसल पर कब्जा कश्मीर सिंह का अधिकार है और उन्हें अपनी फसल नष्ट करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई आदेश के अनुसार की गई थी।

हालांकि, लोगों के सवाल अब भी अनुत्तरित हैं—अगर कोर्ट का आदेश था, तो क्या फसल कटने का इंतजार नहीं किया जा सकता था? क्या प्रशासन ने नियमों को ताक पर रखकर कार्रवाई की? अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री और शासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।