
स्थान -औली

ब्यूरो रिपोट

औली की बर्फीली वादियों में पिछले चार दिनों से चल रहे विंटर कार्निवाल और नेशनल विंटर गेम्स ‘शीतकालीन कुंभ’ का आज रंगारंग समापन हो गया। देशभर से पहुंचे खिलाड़ियों और पर्यटकों की मौजूदगी में समापन समारोह बेहद उत्साहपूर्ण माहौल में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ऋषि प्रसाद सती (बीकेटीसी उपाध्यक्ष) ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को मेडल, मोमेंटो और नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि औली जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्कीइंग स्थल पर इस तरह के आयोजन उत्तराखंड को वैश्विक पहचान दिला रहे हैं।


नेशनल विंटर गेम्स में विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। रोमांचक मुकाबलों के बाद हिमाचल प्रदेश की टीम 17 पदक जीतकर ओवरऑल चैंपियन बनी। खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की पूरे आयोजन में सराहना की गई।

मेजबान उत्तराखंड की टीम ने भी दमदार प्रदर्शन करते हुए 1 स्वर्ण और 2 कांस्य पदक अपने नाम किए। हालांकि पदकों की संख्या कम रही, लेकिन खिलाड़ियों के जज्बे और खेल भावना ने दर्शकों का दिल जीत लिया।


समापन समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने खास आकर्षण बटोरा। उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोक गायक किशन महिपाल ने अपनी लोक धुनों से समां बांध दिया। उनके सुपरहिट गीत—“हम छा तेरा लाल”, “जिया कोरी-कोरी”, “फ्यूलाड़िया” समेत कई प्रस्तुतियों पर स्की एथलीट और जीएमवीएन के अधिकारी भी थिरकने को मजबूर हो गए।

कार्यक्रम में पर्यटन विभाग और गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के आयोजन राज्य में शीतकालीन पर्यटन को नई ऊंचाई दे रहे हैं।

चार दिनों तक चले इस महोत्सव में खेल प्रतियोगिताओं के साथ एडवेंचर एक्टिविटी, सांस्कृतिक संध्या और स्थानीय व्यंजनों का भी आयोजन किया गया। इससे पर्यटकों को खेल और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला।
विंटर कार्निवाल के सफल आयोजन के साथ ही औली ने एक बार फिर खुद को देश की प्रमुख विंटर स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित किया है। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में यह आयोजन और बड़े स्तर पर किया जाएगा।

