
स्थान – विकासनगर
ब्यूरो रिपोर्ट
उत्तराखंड की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस ने धामी सरकार पर कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर तीखा हमला बोलते हुए बड़े आंदोलन का ऐलान कर दिया है। विकासनगर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने 16 फरवरी को राजभवन घेराव की घोषणा की।


विकासनगर के एक निजी होटल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रीतम सिंह ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार हालात पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।


कांग्रेस नेता ने भ्रष्टाचार को लेकर भी धामी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है और खनन माफिया पूरी तरह बेलगाम हो चुका है। नियमों और कानूनों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन सरकार आंख मूंदे बैठी है। उन्होंने कहा कि खनन माफिया को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है, जिससे प्रदेश की छवि भी धूमिल हो रही है।


प्रीतम सिंह ने कहा कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित रह गई है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। प्रदेश में अपराध, अवैध खनन और भ्रष्टाचार ने जनता का भरोसा तोड़ दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मौजूदा हालात में प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।

कांग्रेस ने इन मुद्दों को लेकर 16 फरवरी को राजभवन घेराव करने का निर्णय लिया है। प्रीतम सिंह ने कहा कि यह घेराव शांतिपूर्ण होगा, लेकिन इसके माध्यम से सरकार की नाकामियों को जनता के सामने उजागर किया जाएगा और राज्यपाल के माध्यम से सरकार तक जनभावनाओं को पहुंचाया जाएगा।

कांग्रेस के इस ऐलान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष के इस आक्रामक रुख से सत्ताधारी भाजपा पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कांग्रेस के आरोपों पर धामी सरकार क्या प्रतिक्रिया देती है और राजभवन घेराव के दिन प्रदेश की राजनीति किस दिशा में मोड़ लेती है।


