
लोकेशन : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट
हरिद्वार की कई कॉलोनियों में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि पिछले एक महीने के भीतर आवारा कुत्तों ने चार लोगों को काट लिया है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी रोष और डर का माहौल है।


स्थानीय निवासियों का कहना है कि आवारा कुत्तों के कारण सड़क पर पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। सुबह-शाम लोग घर से निकलने में भय महसूस कर रहे हैं। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को लेकर अभिभावक बेहद चिंतित हैं।

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि क्षेत्र में संचालित एक बड़े निजी स्कूल ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए अभिभावकों को पत्र जारी किया है। पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि जो बच्चे पैदल स्कूल आते-जाते हैं, उन्हें उनके अभिभावक स्वयं स्कूल छोड़ने और छुट्टी के बाद वापस घर ले जाने आएं। स्कूल प्रबंधन ने इसे बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया है।

जगजीतपुर क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि आवारा कुत्तों द्वारा राह चलते लोगों को काटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कई बार नगर निगम और प्रशासन से शिकायत करने के बावजूद कुत्तों को पकड़ने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि कुत्ते अब स्कूल के बच्चों और उनके अभिभावकों को भी निशाना बना रहे हैं, जिससे भय का माहौल और गहरा गया है।

एक निजी स्कूल प्रबंधन ने न केवल अभिभावकों को सतर्क रहने की अपील की है, बल्कि नगर निगम को पत्र लिखकर इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग भी की है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।

वहीं नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है, जिस पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। अधिकारियों के अनुसार, शिकायत मिलने पर कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल हेल्पलाइन जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है, ताकि लोगों को इस बढ़ते खतरे से राहत मिल सके।

