
लोकेशन :हरिद्वार
रिपोर्टर – धर्मराज चोपड़ा
गुरुदेव समाधि मंदिर में चल रहे मूर्ति स्थापना समारोह के दौरान उस समय एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब मंच पर संत, सनातन और सत्ता का अनूठा संगम एक साथ दिखाई दिया। देश की शीर्ष राजनीतिक और आध्यात्मिक हस्तियों की मौजूदगी ने इस आयोजन को विशेष और राष्ट्रीय महत्व प्रदान किया।


समारोह के मंच पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी उपस्थित रहे। इनके साथ ही धार्मिक नेतृत्व की ओर से स्वामी अवधेशानंद महाराज सहित कई महामंडलेश्वर और संत समाज के प्रमुख चेहरे मंच पर आसीन रहे।


कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान और विधिवत दीप प्रज्वलन के साथ की गई। इसके पश्चात धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ और संतों व विशिष्ट अतिथियों द्वारा संबोधन किया गया। पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा और राष्ट्रभक्ति की भावना स्पष्ट रूप से महसूस की गई।

देश की शीर्ष राजनीतिक और आध्यात्मिक हस्तियों की एक साथ उपस्थिति से यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और राष्ट्रीय चेतना का भी प्रतीक बन गया।

वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए भारत माता मंदिर और सप्त ऋषि आश्रम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। अतिरिक्त पुलिस बल और प्रशासनिक टीमें तैनात रहीं, जबकि पूरे क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा घेरा पूरी तरह सख्त रखा गया, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।


