‘प्रोजेक्ट नंदा–सुनंदा’ से संवरीं उम्मीदें, 29 बालिकाओं को मिली शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता

‘प्रोजेक्ट नंदा–सुनंदा’ से संवरीं उम्मीदें, 29 बालिकाओं को मिली शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता

स्थान – देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

आर्थिक रूप से कमजोर और अनाथ बालिकाओं की शिक्षा को संबल देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल द्वारा संचालित ‘प्रोजेक्ट नंदा–सुनंदा’ के तहत 29 बालिकाओं को लगभग 6 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इस सहायता से बालिकाओं की रुकी हुई पढ़ाई को दोबारा शुरू करने में मदद मिलेगी।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य उन बालिकाओं तक मदद पहुंचाना है, जो आर्थिक कारणों से अपनी शिक्षा जारी नहीं रख पा रही हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही आत्मनिर्भरता की सबसे मजबूत नींव है और प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी बेटी सिर्फ पैसों की कमी के कारण पढ़ाई से वंचित न रहे।

प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक प्रोजेक्ट नंदा–सुनंदा के तहत 100 से अधिक बालिकाओं की शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। यह योजना उन बेटियों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है, जिनका भविष्य संसाधनों के अभाव में अंधकारमय होता नजर आ रहा था।

इस योजना के सफल क्रियान्वयन में बाल विकास, समाज कल्याण और महिला कल्याण विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ये विभाग पात्र बालिकाओं की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ने और सहायता राशि उपलब्ध कराने का कार्य कर रहे हैं।

वित्तीय सहायता मिलने के बाद बालिकाओं के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। लाभार्थी छात्राओं ने कहा कि इस राशि से वे अपनी पढ़ाई को सुचारू रूप से जारी रख सकेंगी और अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।

जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी इस परियोजना को और प्रभावी बनाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद बालिकाओं को इसका लाभ मिल सके। प्रशासन का मानना है कि शिक्षित बेटियां ही सशक्त समाज की पहचान होती हैं।

‘नंदा–सुनंदा’ प्रोजेक्ट न सिर्फ आर्थिक सहायता का माध्यम बन रहा है, बल्कि यह बेटियों के आत्मविश्वास, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रहा है।