
स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

16 जनवरी से 14 फरवरी तक जिले में आयोजित सड़क सुरक्षा माह के शुभारंभ के अवसर पर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा को अपनी दैनिक जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाएं और सुरक्षित यातायात व्यवहार अपनाएं।


जिलाधिकारी ने अपने संदेश में कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन या यातायात विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। सड़क का उपयोग करने वाले प्रत्येक नागरिक – चाहे वह पैदल यात्री हो, दोपहिया या चारपहिया वाहन चालक हो अथवा यात्री – सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं को नियमों का पालन, संयम और जागरूकता के माध्यम से रोका जा सकता है।

उन्होंने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, नशे की अवस्था में वाहन न चलाना और यातायात संकेतों का सम्मान करना अनमोल जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।


जिलाधिकारी मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने बताया कि सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत जनपद में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, प्रवर्तन अभियान और शैक्षिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों का उद्देश्य नागरिकों में जिम्मेदार सड़क व्यवहार को बढ़ावा देना है। जिला प्रशासन सभी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, परिवहन विभाग और समाज के विभिन्न वर्गों के सहयोग से सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन का रूप देने के लिए प्रतिबद्ध है।

साथ ही नागरिकों को गुड सेमेरिटन (Good Samaritan) योजना के प्रति जागरूक किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि किसी सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले नागरिक को पूर्ण कानूनी संरक्षण प्राप्त है। ऐसे सहायक नागरिकों को किसी भी प्रकार की कानूनी या पुलिस कार्रवाई का डर नहीं है। समय पर घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुँचाना एक नेक कार्य है, जिससे अनेक जीवन बचाए जा सकते हैं।


जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सभी नागरिकों से अपील की कि दुर्घटना की स्थिति में मानवता का परिचय दें, आगे आएं और गुड सेमेरिटन योजना का लाभ उठाएं, ताकि जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और सड़क पर सुरक्षित वातावरण बन सके।


