राष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी को बढ़त दिला सकते हैं बड़े राज्य, बंगाल की जीत बनी अहम फैक्टर

राष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी को बढ़त दिला सकते हैं बड़े राज्य, बंगाल की जीत बनी अहम फैक्टर

भारतीय जनता पार्टी 2024 लोकसभा चुनाव में अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर पाई थी। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई थी कि पार्टी की पकड़ कमजोर हो सकती है। लेकिन अब विधानसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन और बड़े राज्यों में एनडीए की मजबूती ने अगले राष्ट्रपति चुनाव का पूरा समीकरण बदल दिया है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों में एनडीए की बढ़ती ताकत राष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी को बड़ा फायदा पहुंचा सकती है। राष्ट्रपति चुनाव में सांसदों के साथ-साथ विधायकों के वोट भी अहम भूमिका निभाते हैं और बड़े राज्यों के विधायकों के वोट की वैल्यू ज्यादा होती है।

राष्ट्रपति चुनाव के लिए संसद और सभी राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य मिलकर निर्वाचक मंडल बनाते हैं। इसमें हर सांसद के वोट की वैल्यू समान होती है, जबकि विधायक के वोट का मूल्य राज्य की जनसंख्या के आधार पर तय किया जाता है।

उदाहरण के तौर पर उत्तर प्रदेश के एक विधायक के वोट की वैल्यू सबसे अधिक मानी जाती है। वहीं छोटे राज्यों के विधायकों के वोट की वैल्यू अपेक्षाकृत कम होती है। यही वजह है कि बड़े राज्यों में राजनीतिक बढ़त राष्ट्रपति चुनाव में निर्णायक साबित होती है।

बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र विधानसभा में एनडीए की संख्या पहले के मुकाबले काफी बढ़ी है। इसी तरह बिहार और पश्चिम बंगाल में भी बीजेपी और उसके सहयोगी दलों की स्थिति मजबूत हुई है। पश्चिम बंगाल में बीजेपी के बढ़ते विधायकों की संख्या को भी पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लोकसभा चुनाव में हुई कमी की भरपाई अब विधानसभा स्तर पर हो रही है। इससे राष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी की स्थिति पहले की तुलना में ज्यादा मजबूत दिखाई दे रही है।

अगले साल जुलाई में प्रस्तावित राष्ट्रपति चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश सबसे अहम राज्य माना जा रहा है, क्योंकि निर्वाचक मंडल में उसके वोटों की संख्या सबसे ज्यादा है। ऐसे में बड़े राज्यों में एनडीए की मजबूत स्थिति बीजेपी को स्पष्ट बढ़त दिला सकती है।