15 साल से प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए भटक रहा गरीब परिवार, जनप्रतिनिधियों पर अनदेखी के आरोप

15 साल से प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए भटक रहा गरीब परिवार, जनप्रतिनिधियों पर अनदेखी के आरोप

स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

रुड़की के मंगलौर क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलौर नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर 12 में रहने वाला एक गरीब परिवार पिछले करीब 15 वर्षों से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने के लिए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर काट रहा है, लेकिन आज तक उसे योजना का लाभ नहीं मिल पाया।

परिवार का आरोप है कि लगातार नगर पालिका, चेयरमैन, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों के पास जाने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिले। आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद परिवार कच्चे और बदहाल मकान में रहने को मजबूर है।

परिवार के सदस्य ने बताया कि कई बार आवेदन करने के बाद भी कुछ दस्तावेजों की कमी बताकर उन्हें योजना से वंचित रखा गया। उनका कहना है कि वह पिछले 15 सालों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।

पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उनका राशन कार्ड तक नहीं बन पाया है। इसके अलावा उन्हें शौचालय योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिला है।

परिवार का कहना है कि यदि मंगलौर क्षेत्र में निष्पक्ष जांच कराई जाए तो ऐसे कई मकान मिल जाएंगे, जहां आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल चुका है, जबकि वास्तविक जरूरतमंद आज भी इंतजार कर रहे हैं।

इस मामले ने सरकारी योजनाओं के चयन प्रक्रिया और पात्रता जांच पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ सही तरीके से नहीं पहुंच पा रहा है।

अब देखना होगा कि इस गरीब परिवार की सुध कौन लेता है। क्या नगर पालिका, विधायक या सांसद स्तर से इस परिवार को राहत मिलेगी, यह आने वाले समय में साफ होगा।