देवरा यात्रा के दौरान अव्यवस्था फैलाने वालों पर सख्ती, गुंडा एक्ट में कार्रवाई के निर्देश

देवरा यात्रा के दौरान अव्यवस्था फैलाने वालों पर सख्ती, गुंडा एक्ट में कार्रवाई के निर्देश

स्थान ; रुद्रप्रयाग (अगस्त्यमुनि)
ब्यूरो रिपोर्ट

महर्षि अगस्त्य मुनि महाराज की ऐतिहासिक एवं पारंपरिक देवरा यात्रा के सफल, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित संचालन के लिए जिला प्रशासन द्वारा पूर्व से ही सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं। प्रशासन ने मुनि महाराज की डोली को महर्षि अगस्त्य मंदिर से अगस्त्यमुनि सैंण स्थित गद्दीस्थल तक पारंपरिक मार्ग से विधिवत प्रवेश कराने के लिए समय रहते समुचित प्रबंध किए थे।

प्रशासनिक तैयारियों के बावजूद देवरा यात्रा के दौरान कुछ अराजक तत्वों द्वारा धार्मिक परंपरा की आड़ में जानबूझकर अव्यवस्था उत्पन्न करने का प्रयास किया गया। इन तत्वों द्वारा क्रीड़ा भवन अगस्त्यमुनि के मुख्य द्वार को तोड़ दिया गया, जिससे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा। साथ ही नेशनल हाईवे-107 पर लगभग तीन से चार घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा, जिससे स्थानीय नागरिकों, यात्रियों और पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

घटना को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि ऐसे अराजक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि देवरा यात्रा के मार्ग को लेकर मंदिर समिति के पदाधिकारियों से पूर्व में ही बातचीत कर ली गई थी और जिस पारंपरिक मार्ग से पूर्वकाल से डोली को प्रवेश कराया जाता रहा है, उसी मार्ग पर प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं।

इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा जबरन डोली को क्रीड़ा भवन के मुख्य द्वार से ले जाने का दबाव बनाया गया और इसी उद्देश्य से भवन का मुख्य गेट तोड़ा गया। इस दौरान सरकारी कार्य में बाधा डालने, प्रशासनिक अधिकारियों से अभद्र व्यवहार करने और कानून व्यवस्था को चुनौती देने के मामले भी सामने आए हैं।

जिलाधिकारी ने इन कृत्यों को घोर अनुशासनहीनता और कानून व्यवस्था भंग करने का प्रयास बताते हुए निर्देश दिए हैं कि इसमें शामिल कुछ ‘रिपेटिटिव ऑफेंडर्स’ के विरुद्ध गुंडा एक्ट सहित सभी सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि धर्म की आड़ में किसी भी प्रकार की अराजकता, हिंसा या अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जनपद के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि देवरा यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए यात्रा मार्ग पर साफ-सफाई, चूना डालकर मार्ग को समतल बनाना, श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा प्रबंध पूरी तरह सुनिश्चित किए गए थे, ताकि देवरा यात्रा परंपरागत मर्यादा और श्रद्धा के साथ सम्पन्न हो सके।