
स्थान : पोखरी (चमोली)
ब्यूरो रिपोर्ट
चोरी, एनडीपीएस, आयुध अधिनियम, गौवध–गौवंश और गैंगस्टर एक्ट तक फैले एक संगठित आपराधिक नेटवर्क को पोखरी पुलिस ने जड़ से उखाड़ते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने शातिर अपराधी गिरोह के चारों सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। यह कार्रवाई न केवल क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों के लिए सख्त संदेश है, बल्कि देवभूमि की शांति भंग करने वालों के खिलाफ पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति को भी दर्शाती है।


ठंडी रात बनी अपराध की आखिरी रात
08 दिसंबर 2025 की ठंडी और अंधेरी रात को हापला–गोपेश्वर रोड पर टीएचडीसी की निर्माणाधीन हाईटेंशन विद्युत लाइन को निशाना बनाकर बैठे शातिर चोरों को अंदाजा भी नहीं था कि यही वारदात उनकी आपराधिक कहानी का अंतिम अध्याय बन जाएगी। चोरी की सूचना मिलते ही थाना पोखरी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। खुद को बचाने के प्रयास में आरोपी अपनी पिकअप वाहन संख्या UK12CB0742 मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए।

वाहन से खुली पूरी पोल
मौके पर छोड़ी गई पिकअप वाहन पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग साबित हुई। वाहन नंबर ट्रेस होते ही जांच में चार नाम सामने आए—नदीम, सलीम, शहजाद और दानिश, सभी निवासी बिजनौर, उत्तर प्रदेश। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इन आरोपियों ने 08/09 दिसंबर 2025 की रात एक मोटरसाइकिल चोरी की वारदात को भी अंजाम दिया था।


दो मुकदमों से खुला बड़ा आपराधिक इतिहास
इन घटनाओं के संबंध में थाना पोखरी में मु0अ0सं0 11/2025 एवं 12/2025, धारा 303(2)/317(2)/3(5)/324(2) BNS के तहत मुकदमे दर्ज किए गए। विवेचना के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। यह गिरोह केवल छोटी-मोटी चोरी तक सीमित नहीं था, बल्कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में सक्रिय एक कुख्यात गैंग का हिस्सा था, जिसके खिलाफ अलग-अलग थानों में कुल 23 आपराधिक मुकदमे दर्ज पाए गए।

शहजाद सबसे बड़ा अपराधी
अभियुक्त शहजाद के विरुद्ध चोरी, जुआ अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट, पशु क्रूरता अधिनियम, आयुध अधिनियम, हत्या का प्रयास, गौवंश अधिनियम, गैंगस्टर अधिनियम एवं गौवध निवारण अधिनियम सहित कुल 15 अभियोग दर्ज हैं।
अभियुक्त नदीम के विरुद्ध चोरी, मारपीट, पशु क्रूरता अधिनियम, गौहत्या निवारण अधिनियम एवं आयुध अधिनियम के तहत 04 अभियोग पंजीकृत हैं।
अभियुक्त सलीम के विरुद्ध चोरी के 02 अभियोग, जबकि अभियुक्त दानिश के विरुद्ध भी चोरी के 02 अभियोग विभिन्न थानों में दर्ज पाए गए।

गैंग बनाकर अपराध, गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई
गिरोह बनाकर संगठित तरीके से अपराध करना इनकी पहचान बन चुकी थी। इसी आधार पर थाना पोखरी में इनके विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत मु0अ0सं0 01/2026 भी पंजीकृत किया गया।

आखिरी मोहरा भी दबोचा गया
पहले शहजाद, सलीम और दानिश को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। इसके बाद दिनांक 14 जनवरी 2026 को पोखरी पुलिस ने चौथे और अंतिम आरोपी नदीम पुत्र नफीस, निवासी अकबराबाद, जिला बिजनौर को भी गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर चोरी किए गए बिजली के तार बरामद किए गए।
पुराना अपराधी, इस बार नहीं मिली राहत
अभियुक्त दानिश उर्फ मुन्ना पहले भी चमोली जिले में चोरी के मामले में जेल जा चुका था। जमानत पर बाहर आने के बाद वह फरार हो गया था, जिसके खिलाफ न्यायालय से गैर-जमानती वारंट जारी हो चुका था। इस बार पोखरी पुलिस ने उसे दोबारा अपराध की राह पर लौटने का मौका नहीं दिया।
देवभूमि में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं
अब चारों शातिर अपराधी जेल में हैं। चाहे चोरी के तार हों या बाइक, पुलिस की रडार से कुछ भी नहीं बच सका। पोखरी पुलिस की इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश है कि देवभूमि की शांति और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए जेल के दरवाजे हमेशा खुले हैं।
पुलिस टीम
- थानाध्यक्ष पोखरी – देवेंद्र कुमार पंत
- उपनिरीक्षक – रूकम सिंह नेगी
- हेड कांस्टेबल – नरेश
- कांस्टेबल – ललित मोहन
- कांस्टेबल चालक – भरत टोलिया
- कांस्टेबल – गौरव
पोखरी पुलिस की इस सख्त और प्रभावी कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना हो रही है।

