
स्थान – ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट
ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में बसे हजारों लोगों ने वन भूमि प्रकरण को लेकर अपनी आवाज बुलंद करने का निर्णय लिया है।


शिवाजी नगर, 20 बीघा, मीरा नगर, मंसा देवी, अमित ग्राम सहित अन्य क्षेत्रों के लोग 2 फरवरी को आईडीपीएल से तहसील परिसर तक ‘ऋषिकेश बचाओ महारैली’ निकालेंगे।

रैली के आयोजकों का दावा है कि इस आंदोलन में करीब 50 हजार लोग शामिल होंगे। रैली के बाद लोगों की ओर से अपनी मांगों का ज्ञापन एसडीएम को दिया जाएगा, जिसमें मुख्य रूप से वन भूमि को डिफॉरेस्ट करने और मूलभूत सुविधाओं को सुचारू रूप से देने की मांग की जाएगी।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह संघर्ष पिछले तीन हफ्तों से बापू ग्राम संघर्ष समिति के बैनर तले सांकेतिक धरना के रूप में जारी है। धरने में राजनीतिक, सामाजिक और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होकर जनता का समर्थन दे रहे हैं।

प्रतिनिधियों का कहना है कि वे जनता के तन, मन और धन के साथ खड़े हैं और सरकार से अपेक्षा रखते हैं कि वह जनता हित में कदम उठाए। विशेषकर वे चाहते हैं

कि कैबिनेट में वन भूमि को डिफॉरेस्ट करने का प्रस्ताव पास कर केंद्र सरकार को भेजा जाए और सुप्रीम कोर्ट में जनता हित की कड़ी पैरवी की जाए।

धरना स्थल पर कुछ लोगों का दावा है कि जिन जमीनों को वन भूमि बताया गया और सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई, उनमें संशय है। उनका कहना है कि इन जमीनों पर महात्मा गांधी की शिष्य मीरा बेन ने उनके बुजुर्गों को आजादी से पहले ही बसाया था।

आंदोलन के आयोजक यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वन भूमि प्रकरण में न्यायपूर्ण समाधान निकले और लोगों के हक का संरक्षण हो।
स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि रैली के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारी की जा रही है और शांतिपूर्ण ढंग से आयोजन संपन्न कराने के लिए पुलिस तैनात रहेगी।

