
स्थान – उत्तरकाशी
ब्यूरो रिपोर्ट
विश्वप्रसिद्ध गंगोत्री धाम में सीजन की दूसरी बर्फबारी के बाद शुक्रवार को मौसम साफ हो गया और धूप खिलने से ठंड के बीच कुछ राहत मिली।


धाम क्षेत्र में करीब 7 फीट तक बर्फ जमी हुई है, जिसके बीच शीतकालीन प्रवास पर रह रहे साधु-संत और तपस्वी धूप का आनंद लेते नजर आए।

बताया जा रहा है कि इस समय गंगोत्री धाम में 30 से 40 लोग शीतकाल में तपस्या के लिए निवासरत हैं। कई दिनों तक खराब मौसम के कारण ये लोग अपनी गुफाओं और आश्रमों में ही सीमित थे, लेकिन मौसम खुलने पर वे बाहर निकले।

हालांकि, इन लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या बिजली आपूर्ति ठप होने को लेकर बनी हुई है। पिछले करीब एक सप्ताह से गंगोत्री धाम में बिजली की सप्लाई बाधित है, जिससे खाना बनाने और अन्य जरूरी कामों में भारी दिक्कत हो रही है।


तपस्वियों का कहना है कि गंगोत्री धाम गंगोत्री नेशनल पार्क के अंतर्गत ईको सेंसिटिव जोन में आता है, जहां लकड़ी जलाना प्रतिबंधित है। ऐसे में यदि समय पर बिजली बहाल नहीं होती, तो उनके सामने भोजन की गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है।

स्थानीय लोगों और साधु-संतों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है, ताकि शीतकालीन प्रवास कर रहे लोगों को राहत मिल सके।

वहीं, एक सुखद संकेत यह है कि महाशिवरात्रि को लेकर गंगोत्री धाम में रौनक बढ़ने लगी है। शिवरात्रि से पहले कांवड़ियों का आगमन शुरू हो गया है।

जानकारी के अनुसार, इस समय धाम में 50 से अधिक कांवड़िए मौजूद हैं, जो मां गंगा के दर्शन और जलाभिषेक की तैयारी में जुटे हैं। आने वाले दिनों में कांवड़ियों की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

