
स्थान : ऋषिकेश
ब्यरो रिपोर्ट

देवभूमि उत्तराखंड के पारंपरिक लोकपर्व Phool Dei और Hindu New Year के पावन अवसर पर गुमानीवाला स्थित Rajshree Children Academy में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। विद्यालय परिसर से लेकर आसपास की गलियों तक उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं की सुंदर झलक दिखाई दी।


हिंदू कैलेंडर के अनुसार चैत्र मास के प्रथम दिन मनाए जाने वाले इस पर्व को लेकर बच्चों में सुबह से ही खासा उत्साह देखने को मिला। नन्हे-मुन्ने बच्चे रंग-बिरंगी टोकरियों में ताजे फूल भरकर घर-घर पहुंचे और लोगों की देहली पर फूल बिखेरते हुए सुख-समृद्धि की कामना की।

बच्चों के चेहरों पर पर्व को लेकर अलग ही खुशी और उत्साह दिखाई दिया। क्षेत्रवासियों ने भी इस पारंपरिक लोकपर्व में बढ़-चढ़कर भाग लिया और बच्चों का खुले दिल से स्वागत किया।


परंपरा के अनुसार लोगों ने बच्चों को गुड़, मिठाई, अनाज और दक्षिणा देकर उनका उत्साह बढ़ाया। वहीं बड़ों ने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की, जिससे पूरे क्षेत्र में मांगलिक और आनंदमय वातावरण बन गया।
विद्यालय के निदेशक Rajendra Prasad Pandey ने बताया कि फूलदेई और हिंदू नववर्ष हमारी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं के प्रतीक हैं। विद्यालय का उद्देश्य शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ना भी है।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य Yogeshwar Prasad Semwal ने सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और क्षेत्रवासियों को हिंदू नववर्ष और फूलदेई की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों को इस पर्व के महत्व और प्रकृति संरक्षण के संदेश से भी अवगत कराया।


कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक गीतों के बीच बच्चों द्वारा देहली पूजन किया गया और विद्यालय परिवार ने पूरे उत्साह के साथ हिंदू नववर्ष का स्वागत किया। इस अवसर पर स्थानीय समुदाय और विद्यालय के बीच सांस्कृतिक समन्वय भी देखने को मिला।

