

स्थान : लोहाघाट (चंपावत)
ब्यरो रिपोर्ट

गर्मी बढ़ते ही चंपावत जिले के लोहाघाट नगर में पेयजल संकट गंभीर रूप लेता जा रहा है। हालात यह हैं कि जल संस्थान की ओर से लोगों को 4 से 5 दिन के अंतराल पर ही पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे नगरवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी लंबी अवधि के बाद मिलने वाला पानी भी बेहद सीमित मात्रा में है। जानकारी के अनुसार प्रति परिवार को लगभग 100 लीटर पानी ही दिया जा रहा है, जो दैनिक जरूरतों के लिए पर्याप्त नहीं है।

पानी की कमी के चलते नगर की आबादी को मजबूरी में नौलों, धारों और हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ रहा है। इन प्राकृतिक जल स्रोतों पर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं, जहां लोगों को पानी भरने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।


पूर्व सभासद राज किशोर शाह, विवेक ओली सहित अन्य नागरिकों ने बताया कि नगर में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। उन्होंने कहा कि गर्मी की शुरुआत में ही यह हालात हैं तो आने वाले समय में समस्या और गंभीर हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और जल संस्थान से मांग की है कि पूर्व की भांति टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाए। उनका कहना है कि टैंकरों से नियमित रूप से टैंकों को भरकर लोगों को राहत दी जा सकती है, लेकिन अभी तक यह व्यवस्था शुरू नहीं की गई है।


इसके साथ ही नागरिकों ने लंबे समय से लंबित सरयू पेयजल लिफ्ट योजना को जल्द पूरा करने की भी मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि यह योजना नगर की स्थायी पेयजल समस्या का समाधान कर सकती है, लेकिन निर्माण कार्य में देरी हो रही है।


इस बीच जल संस्थान के अभियंता पवन बिष्ट ने बताया कि जल स्रोतों में पानी की कमी के कारण मांग के अनुरूप आपूर्ति संभव नहीं हो पा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति शुरू कर टैंकों को भरा जाएगा।


कुल मिलाकर, लोहाघाट नगर एक बार फिर गंभीर पेयजल संकट की चपेट में है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी विकट हो सकती है, जिससे आम जनता की परेशानी और बढ़ने की आशंका है।

