टी20 विश्व कप: गौतम गंभीर ने खुलासा किया – अभिषेक और संजू पर भरोसा क्यों कायम रहा

टी20 विश्व कप: गौतम गंभीर ने खुलासा किया – अभिषेक और संजू पर भरोसा क्यों कायम रहा

भारतीय टीम ने हाल ही में आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 का खिताब जीतकर अपने दबदबे को बरकरार रखा। अब टीम के खिलाड़ी आईपीएल 2026 की तैयारियों में जुट गए हैं, लेकिन टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों की फॉर्म और टीम प्रबंधन की रणनीतियों को लेकर चर्चा जारी है। भारतीय टीम के मुख्य कोच Gautam Gambhir ने हाल ही में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन के प्रदर्शन और चयन के पीछे की सोच का खुलासा किया।

गंभीर ने बताया कि अभिषेक शर्मा ने टूर्नामेंट के पहले तीन मैचों में रन बनाने में संघर्ष किया, लेकिन टीम ने उन पर पूरा भरोसा रखा। उन्होंने कहा कि अभिषेक ने अगले मैचों में दो अर्धशतक लगाए, जिनमें फाइनल में लगाया गया अर्धशतक भी शामिल है। गंभीर ने बताया कि अभिषेक की खराब शुरुआत के बावजूद टीम प्रबंधन ने उन्हें प्लेइंग-11 से बाहर नहीं किया क्योंकि उन्हें विश्वास था कि खिलाड़ी अपनी लय हासिल करेगा।

गंभीर ने अपनी अनुभव साझा करते हुए कहा, “आईपीएल 2014 में मेरा अनुभव उससे भी बदतर रहा था जब मैं लगातार चार मैचों में शून्य पर आउट हुआ। मैंने अभिषेक से कहा कि लोग आपके स्कोर देखेंगे लेकिन असल में आपकी फॉर्म का सही आकलन तभी हो सकता है जब आप पर्याप्त गेंदें खेलें। मैं चाहता था कि वह हर मैच में अधिक आक्रामक खेलें।”

वहीं संजू सैमसन की बात करें तो गंभीर ने उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सैमसन पावरप्ले में विपक्षी टीम के खेल को पलट सकता है। सेमीफाइनल और फाइनल में संजू ने शानदार अर्धशतक लगाकर भारत को रिकॉर्ड तीसरी बार खिताब जीतने में मदद की। गंभीर ने कहा, “अगर वह लय में आ जाए तो पहले छह ओवरों में ही मैच जिता सकता है। उसकी प्रतिभा पर कभी कोई संदेह नहीं था।”

सैमसन को शुरुआती मैचों में अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली थी, क्योंकि उनके विश्व कप से पहले प्रदर्शन औसत रहे थे। लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ ‘करो या मरो’ मैच में उन्हें मौका मिला और उन्होंने 15 गेंदों में 24 रन बनाकर अपनी लय हासिल की। इसके बाद उन्होंने अगले तीन मैचों में क्रमशः नाबाद 97, 89 और 89 रन बनाए।

गंभीर ने बताया कि उनकी और सैमसन की बातचीत अनौपचारिक रहती है और अधिकतर ट्रेनिंग के दौरान होती है। उन्होंने कहा, “मैंने बस उसे जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलने के लिए कहा और वह तैयार हो गया। यह किसी मुख्य कोच और खिलाड़ी का औपचारिक रिश्ता नहीं था, बल्कि ऐसा सहयोगी रिश्ता था जिसमें खिलाड़ी को आत्मविश्वास मिले।”

टी20 विश्व कप 2026 में टीम प्रबंधन के इस भरोसे और रणनीति ने अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन दोनों के प्रदर्शन को निखारा और भारत को विश्व की क्रिकेट पटल पर विजेता बनाया।