लालकुआँ में ठप पड़ी ‘शहर की तीसरी आँख’, अपराध नियंत्रण पर असर

लालकुआँ में ठप पड़ी ‘शहर की तीसरी आँख’, अपराध नियंत्रण पर असर

स्थान – लालकुआँ
ब्यूरो रिपोर्ट

नगर में अपराध पर नजर रखने वाली कोतवाली की सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था लंबे समय से ठप पड़ी है। शहर के प्रमुख चौराहों, मार्गों और चेकपोस्टों पर लगे अधिकांश सीसीटीवी कैमरे खराब हो चुके हैं, जिससे अपराध नियंत्रण और आपराधिक घटनाओं की जांच में पुलिस को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

लालकुआँ पुलिस द्वारा अपराध पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से शहर के विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए थे।

इन कैमरों की निगरानी कोतवाली कार्यालय से की जाती थी, लेकिन वर्तमान स्थिति में अधिकांश कैमरे बंद पड़े हैं। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सीधा असर पड़ रहा है।

सीसीटीवी कैमरे सड़क दुर्घटनाओं और आपराधिक घटनाओं के खुलासे में पुलिस के लिए अहम भूमिका निभाते हैं। फुटेज के आधार पर आरोपी तक पहुंचना आसान होता है,

लेकिन कैमरों के खराब होने से अब पुलिस को जरूरी साक्ष्य जुटाने में परेशानी हो रही है, जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

जानकारी के अनुसार लालकुआँ कोतवाली क्षेत्र में कुल करीब 44 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इनमें से वर्तमान में 30 से अधिक कैमरे खराब पड़े हैं, जबकि केवल 10 कैमरे ही सही स्थिति में काम कर रहे हैं। यह स्थिति शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि लालकुआँ क्षेत्र से नैनीताल और ऊधमसिंह नगर को जोड़ने वाले मार्गों पर बने पुलिस चेकपोस्टों के सभी कैमरे भी खराब हैं।

इतना ही नहीं, कई चेकपोस्टों पर रात्रि के समय रोशनी की समुचित व्यवस्था भी नहीं है, जिससे रात में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह कमजोर नजर आती है।

इस मामले में पुलिस क्षेत्राधिकारी दीपशिखा अग्रवाल ने बताया कि खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों की रिपोर्ट जल्द तैयार कर प्रस्ताव बनाया जाएगा।

साथ ही जिन स्थानों पर लाइट की व्यवस्था नहीं है, वहां उसे भी शीघ्र दुरुस्त कराया जाएगा, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।

अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन कब तक शहर की इस ‘तीसरी आँख’ को दोबारा सक्रिय करता है। नागरिकों को उम्मीद है कि जल्द ही सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था दुरुस्त कर लालकुआँ को सुरक्षित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।