

स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सरकार

खटीमा में नवगठित देवभूमि व्यापार मंडल के गठन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने संगठन के गठन का विरोध करते हुए प्रेस वार्ता की और इसे राजनीतिक प्रेरित बताते हुए निष्पक्ष व्यापारिक प्रतिनिधित्व की मांग की।


प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले आयोजित प्रेस वार्ता का नेतृत्व संगठन के अध्यक्ष पद के पूर्व प्रत्याशी अमन अरोड़ा ने किया। इस दौरान व्यापारियों ने कहा कि व्यापार मंडल किसी राजनीतिक दल का मंच नहीं, बल्कि व्यापारियों के हितों की रक्षा करने वाला स्वतंत्र संगठन होना चाहिए।



व्यापारियों ने आरोप लगाया कि देवभूमि व्यापार मंडल का गठन राजनीतिक उद्देश्य से किया गया है। उनका कहना है कि संगठन के प्रमुख पदों पर भारतीय जनता पार्टी से जुड़े लोगों की नियुक्ति की गई है, जिससे व्यापारिक संगठन की निष्पक्षता और स्वतंत्रता पर सवाल खड़े होते हैं।

प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने मांग की कि व्यापारियों का प्रतिनिधित्व लोकतांत्रिक और निष्पक्ष तरीके से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन में सभी व्यापारियों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि व्यापारिक हितों को प्राथमिकता मिल सके।
प्रेस वार्ता के दौरान अमन अरोड़ा ने पूर्व में आई आपदा से प्रभावित व्यापारियों को अब तक राहत राशि के चेक नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि प्रभावित व्यापारियों को जल्द राहत उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

अमन अरोड़ा ने चेतावनी दी कि यदि व्यापारियों की समस्याओं और मांगों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने देवभूमि व्यापार मंडल को “भारतीय जनता पार्टी व्यापार मंडल” बताते हुए इसकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।


वहीं, व्यापारियों के इस विरोध के बाद खटीमा में व्यापारिक संगठनों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। आने वाले दिनों में इस विवाद के और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

