देहरादून में भाजपा के दो विधायकों में हरे पुल को लेकर तनातनी

देहरादून में भाजपा के दो विधायकों में हरे पुल को लेकर तनातनी

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

राजधानी देहरादून की दो पड़ोसी विधानसभा रायपुर और धर्मपुर के बीच पुल निर्माण को लेकर भाजपा के दो विधायकों में तनातनी देखने को मिली है। धर्मपुर विधायक विनोद चमोली और रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ आमने-सामने आ गए हैं।

मामला पुराने जीर्ण-शीर्ण हरे पुल के निर्माण को लेकर है, जो दीप नगर मोहल्ले (धर्मपुर विधानसभा) को केदारपुरम मोहल्ला (रायपुर विधानसभा) से जोड़ता है। धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने इस पुल के निर्माण का प्रस्ताव पास कराया और निर्माण कार्य शुरू हो चुका था। लेकिन रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रोक दिया, जिससे विवाद भड़क गया।

स्थानीय पार्षद दिनेश प्रसाद सती ने बताया कि पुल निर्माण लंबे समय से जनता की मांग थी और यह इलाके में काफी जरूरी है। उन्होंने कहा कि अचानक निर्माण रोकना हैरानी की बात है, क्योंकि विधायक को पहले ही इस निर्माण की जानकारी दी जा चुकी थी।

धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि रायपुर विधायक पुल के खिलाफ हैं। उनका कहना था कि किसी तरह के संदेह के कारण ही उमेश काऊ ने अपनी बात रखी होगी, जिसे समाधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि पुल निर्माण के रास्ते में कुछ अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं, लेकिन रायपुर विधानसभा के हिस्से में कोई बाधा नहीं है।

वहीं रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने फोन पर बताया कि विकास के लिए विनाश नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि यह पुल 2013-14 में स्वीकृत हुआ था, और बजट 1.9 करोड़ से बढ़कर अब 3.5 करोड़ हो गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी ने उनके पूर्व निर्माण के लोहे को हटा दिया और मंदिर में गंदा पानी छोड़ा। उन्होंने कहा कि पुल के आगे 12 फुट का रास्ता है, इतना बड़ा पुल बनाने की जरूरत नहीं है।

इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि विधानसभा चुनाव अभी दूर होने के बावजूद सत्ता पक्ष के भीतर विधायकों के बीच अपनी-अपनी क्षेत्रीय सत्ता को लेकर रस्साकशी शुरू हो चुकी है।