

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट


उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के बीच सोमवती अमावस्या और वीकेंड के संयोग ने हरिद्वार में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ जुटा दी है। लगातार तीसरे दिन धर्मनगरी और उससे जुड़े प्रमुख हाईवे भारी यातायात दबाव का सामना कर रहे हैं। सोमवार को सोमवती अमावस्या के पावन स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिसके चलते दिल्ली-हरिद्वार और बिजनौर-हरिद्वार हाईवे सहित कई प्रमुख मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए।


हरिद्वार पहुंचने वाले अधिकांश श्रद्धालु अपने निजी वाहनों से यात्रा कर रहे हैं, जिसके कारण शहर और हाईवे पर वाहनों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। हालात ऐसे हैं कि सड़कों पर दूर-दूर तक वाहनों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। कई स्थानों पर यातायात की गति बेहद धीमी हो गई है और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से कई गुना अधिक समय लग रहा है।



श्रद्धालुओं की भारी आमद के चलते शहर की अधिकांश पार्किंग स्थल पूरी तरह भर चुके हैं। पार्किंग क्षमता समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में वाहन सड़कों के किनारे खड़े दिखाई दे रहे हैं, जिससे यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। हालांकि प्रशासन की ओर से जाम की स्थिति से इनकार किया जा रहा है, लेकिन कई मार्गों पर वाहन घंटों तक रेंगते हुए आगे बढ़ते नजर आए।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और ट्रैफिक पुलिस लगातार सड़कों पर तैनात है। यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान भी लागू किया गया है, लेकिन वीकेंड, चारधाम यात्रा और सोमवती अमावस्या के एक साथ पड़ने से श्रद्धालुओं की संख्या अनुमान से कहीं अधिक पहुंच गई, जिससे व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।

हरिद्वार चारधाम यात्रा का प्रमुख प्रवेश द्वार होने के साथ-साथ गंगा स्नान और धार्मिक आस्था का केंद्र भी है। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं का आवागमन भी इसी मार्ग से होता है, जिसके कारण यातायात दबाव लगातार बढ़ रहा है।


प्रशासन ने श्रद्धालुओं से धैर्य बनाए रखने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। वहीं पुलिस और प्रशासनिक टीमें लगातार यातायात व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए जुटी हुई हैं।



