

रिपोटर – संजय जोशी


देश सेवा के प्रति समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का ऐसा उदाहरण कम ही देखने को मिलता है। नैनीताल–उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र के सांसद अजय भट्ट ने अपने बड़े भाई के दुखद निधन के ठीक अगले दिन संसद की कार्यवाही में उपस्थित होकर न केवल अपने कर्तव्य धर्म का पालन किया, बल्कि यह भी सिद्ध कर दिया कि राष्ट्रहित उनके लिए सर्वोपरि है।



गहरी व्यक्तिगत क्षति के बावजूद सांसद भट्ट निर्धारित समय पर सदन पहुँचे और देश के विकास से जुड़े मुद्दों तथा अपने क्षेत्र की समस्याओं के समाधान पर चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लिया। उनके इस कदम ने पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित कर दिया है और राजनीतिक व सामाजिक स्तर पर भी उनकी इस प्रतिबद्धता की व्यापक सराहना हो रही है।


जनता और समर्थकों का कहना है कि—
“ऐसे कठिन समय में भी संसद में उपस्थित होना उनके दृढ़ चरित्र, जिम्मेदारी भावना और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का प्रत्यक्ष प्रमाण है। जब कई जनप्रतिनिधि छोटे-छोटे कारणों से सदन से दूर रहते हैं, वहीं अजय भट्ट जी का यह निर्णय प्रेरणादायक मिसाल है।”



क्षेत्रवासियों, समाजसेवियों और वरिष्ठ नागरिकों ने भी उनकी कर्तव्यनिष्ठा की तारीफ करते हुए कहा कि आज के राजनीतिक माहौल में इतनी निष्ठा और त्याग दुर्लभ है। यही गुण उनकी नेतृत्व क्षमता को और मजबूत बनाते हैं और जनता के मन में उनके प्रति विश्वास को और गहरा करते हैं।


सांसद भट्ट की संसद उपस्थिति ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि व्यक्तिगत दुख महत्वपूर्ण हो सकते हैं, पर राष्ट्रसेवा उससे भी बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे समर्पित जनसेवक ही देश को आगे बढ़ाने की वास्तविक शक्ति हैं।


