

स्थान – खटीमा/ऊधम सिंह नगर
रिपोर्ट – अशोक सरकार

सीमांत क्षेत्र खटीमा में भ्रष्टाचार और भू-माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाना एक बुजुर्ग समाजसेवी के लिए संघर्ष का कारण बन गया है। तहसील परिसर में पिछले 15 दिनों से धरने पर बैठे ओमप्रकाश वैश्य ने अब शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ‘आर-पार की लड़ाई’ का ऐलान कर दिया है।


ओमप्रकाश वैश्य तहसील परिसर में उपजिलाधिकारी कार्यालय के बाहर पिछले 15 दिनों से क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि उनकी मांगों पर प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे वे बेहद आहत हैं।

उनकी प्रमुख मांगों में भ्रष्टाचार पर रोक, भूमि से जुड़े पुराने विवादों का निस्तारण और अपनी कथित जायज जमीन पर कब्जा दिलाना शामिल है। उनका कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के चलते उन्हें अब कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।


बुजुर्ग समाजसेवी ने उपजिलाधिकारी को सौंपे 6 सूत्रीय मांग पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 19 अप्रैल तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे क्रमिक अनशन समाप्त कर आमरण अनशन शुरू करेंगे।
उन्होंने 1966 से जुड़े भूमि विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि पीलीभीत रोड स्थित आहूजा पेट्रोल पंप के सामने की बंजर भूमि पर आज तक उन्हें कब्जा नहीं मिल सका है। उनकी मांग है कि अवैध कब्जाधारकों को हटाकर उन्हें मालिकाना हक दिलाया जाए।


इसके अलावा खेतलसंडा खाम क्षेत्र में शासकीय वर्ग-चार भूमि पर हुए कथित अवैध निर्माणों को हटाने और भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग भी की गई है।

ओमप्रकाश वैश्य ने शासकीय भूमि की अवैध खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों और प्रभावशाली व्यक्तियों की जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
धरना स्थल पर लगातार बैठे इस बुजुर्ग का कहना है कि भू-माफियाओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर है। अब देखना होगा कि प्रशासन 19 अप्रैल से पहले कोई कार्रवाई करता है या यह आंदोलन और तेज होता है।

