सीमा क्षेत्रों में फिर बसेंगे गांव: ‘वाइब्रेंट विलेज 2.0’ के तहत नेपाल सीमा से लगे 40 गांवों का होगा डिजिटल पुनरोद्धार

सीमा क्षेत्रों में फिर बसेंगे गांव: ‘वाइब्रेंट विलेज 2.0’ के तहत नेपाल सीमा से लगे 40 गांवों का होगा डिजिटल पुनरोद्धार

स्थान – देहरादून

रिपोर्टर – सचिन कुमार

उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में स्थित वाइब्रेंट विलेज, जहां लंबे समय से पलायन के कारण जनसंख्या घटती गई है, अब एक बार फिर आबाद होने की दिशा में बढ़ रहे हैं। भारत सरकार बॉर्डर एरिया में बसे इन खाली हो चुके गांवों को सभी बुनियादी सुविधाओं से लैस करने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम कर रही है।

कार्यक्रम की नोडल अधिकारी अनुराधा पाल ने बताया कि ‘वाइब्रेंट विलेज 2.0’ के तहत नेपाल सीमा से सटे 40 गांवों का डिजिटल तरीके से पुनरोद्धार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुरूप एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिसमें आजीविका बढ़ाने, आवास निर्माण, सड़कों की कनेक्टिविटी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, पर्यटन विकास सहित कई बड़े बदलाव शामिल होंगे।

अधिकारी के मुताबिक इस योजना से पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी जिलों के गांव सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। प्रत्येक गांव के लिए एक-एक अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो गांवों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों की निगरानी करेंगे।

सरकार का लक्ष्य है कि सीमांत गांवों को आत्मनिर्भर बनाते हुए पलायन की समस्या को रोका जाए, ताकि बॉर्डर क्षेत्र मजबूत और सुरक्षित बन सके।
वाइब्रेंट विलेज 2.0 से इन गावों में रोजगार के नए अवसर पैदा होने, बुनियादी ढांचा मजबूत होने और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।