निवास प्रमाण पत्र जांच पर सरकार का फैसला, कांग्रेस ने उठाया सवाल

निवास प्रमाण पत्र जांच पर सरकार का फैसला, कांग्रेस ने उठाया सवाल

देहरादून,— मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में राज्य में स्थाई निवास प्रमाण पत्रों में पाई जा रही अनियमितताओं की जांच के लिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत तीन वर्षों में जारी प्रमाण पत्रों की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।

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इस फैसले का कांग्रेस ने स्वागत किया, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जांच करानी ही है तो केवल पिछले तीन वर्षों के प्रमाण पत्रों तक क्यों सीमित रखा गया है। कांग्रेस ने सुझाव दिया कि इससे पहले जारी प्रमाण पत्रों पर भी संपूर्ण जांच की जानी चाहिए।

इस पर भाजपा प्रवक्ता कुंवर जपेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि शुरुआत में सहूलियत के दृष्टिकोण से केवल पिछले तीन वर्षों के प्रमाण पत्रों को शामिल किया गया है। जांच जब पूरी तरह से शुरू होगी, तब यह अवधि तीन से 13 या 15 वर्षों तक बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बने सभी अवैध प्रमाण पत्रों की पुख्ता जांच होगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।