

स्थान : देहरादून


इस बार उत्तराखंड में मानसून ने तबाही मचाई है, खासकर लैंड स्लाइडिंग ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारी बारिश के चलते कई जगहों पर जलसंस्थान विभाग की पाइपलाइनों को भारी क्षति पहुँची है।



इस विषय पर जानकारी देते हुए जलसंस्थान विभाग के मुख्य महाप्रबंधक डी.के. सिंह ने बताया कि बरसात के कारण कई क्षेत्रों में मलबा आने से हजारों पेयजल पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिससे पेयजल आपूर्ति बाधित हुई और विभाग को भारी नुकसान उठाना पड़ा।



क्षेत्रवार नुकसान का ब्यौरा:
- गढ़वाल क्षेत्र में 2031 पाइपलाइनों को नुकसान पहुंचा, जिनमें से 2006 पाइपलाइनों की मरम्मत कर उन्हें दोबारा जोड़ा जा चुका है।
- कुमाऊं क्षेत्र में 739 पाइपलाइनों को नुकसान हुआ, जिन्हें विभाग द्वारा पूरी तरह पुनः जोड़ा जा चुका है।
- पूरे उत्तराखंड की बात करें तो कुल 2773 पाइपलाइनों को नुकसान हुआ है।


डी.के. सिंह ने यह भी बताया कि चार स्थायी पेयजल योजनाओं को भी पुनः चालू कर दिया गया है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में जल आपूर्ति व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।


जलसंस्थान विभाग की टीमें लगातार मरम्मत कार्यों में जुटी हैं और हालात पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में आपदा की स्थिति में रिस्पॉन्स टाइम को और बेहतर बनाया जाएगा।


