

रिपोर्ट : भगवान सिंह
स्थान : बीरोंखाल (पौड़ी)


पौड़ी जिले की चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बीरोंखाल में सोमवार को राजकीय शिक्षक संघ ने प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य प्रधानाचार्य पद की सीधी भर्ती को निरस्त करने और शिक्षकों की अन्य लंबित मांगों को सरकार तक पहुंचाना था।



धरने के दौरान वक्ताओं ने बताया कि एक शिक्षक अपनी सेवा के पूरे 30 से 35 वर्ष एक ही पद पर बिताकर सेवानिवृत्त हो रहा है, जिससे न केवल आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, बल्कि सामाजिक और मानसिक प्रताड़ना भी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने कर्तव्यों के प्रति पूरी निष्ठा से कार्य कर रहे हैं, लेकिन सरकार और विभाग की नीतियां शिक्षकों को निराश कर रही हैं।



शिक्षक कक्षाओं में नहीं, धरनों में
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षक जिन कक्षाओं में विद्यार्थियों के बीच होने चाहिए, आज उन्हें अपनी जायज मांगों के लिए धरनों पर बैठना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।


शिक्षकों ने सीधी भर्ती के साथ-साथ 100% पदोन्नति, वार्षिक स्थानांतरण नीति, और अन्य महत्वपूर्ण मांगों को भी सरकार के सामने मजबूती से रखने का संकल्प लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को प्रदेश स्तर पर और तेज किया जाएगा तथा कठोर कदम उठाए जाएंगे।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों का समर्थन
धरना स्थल पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेश कंडारी और जेष्ठ प्रमुख कुलदीप नेगी ने पहुंचकर शिक्षकों को समर्थन दिया और उनकी मांगों को जायज बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भूमिका समाज के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण है, और उनकी उपेक्षा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।


प्रमुख शिक्षक नेता उपस्थित रहे
इस मौके पर देवेंद्र बिष्ट, कुलदीप गॉड, सत्येंद्र रावत, नीता गिरी, प्रेरणा नेगी, राजेश कुकरेती, प्रवीन चौहान, कुलदीप बिष्ट, और केपी सिंह सहित कई शिक्षक नेता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।



