मुखवा के ग्रामीणों का पंचायत चुनाव बहिष्कार का ऐलान, जांगला-मुखवा सड़क न बनने से नाराजगी

मुखवा के ग्रामीणों का पंचायत चुनाव बहिष्कार का ऐलान, जांगला-मुखवा सड़क न बनने से नाराजगी

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रिपोर्ट -महावीर सिंह राणा

त्रि-स्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर जहां एक ओर उत्तराखंड सरकार को बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर उत्तरकाशी जिले के मुखवा गांव से एक विरोध की आवाज उठी है। क्षेत्रीय ग्रामीणों ने स्पष्ट ऐलान किया है कि यदि मुखवा से जांगला तक की सड़क का निर्माण नहीं होता, तो वे आगामी पंचायत चुनावों में वोट नहीं डालेंगे

मुखवा गांव, जो कि मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल के रूप में जाना जाता है, वहां से जांगला तक करीब 4 किलोमीटर लंबी सड़क की मांग ग्रामीण कई वर्षों से कर रहे हैं। इस मार्ग पर कई बार सर्वेक्षण भी हुआ, लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। सड़क न होने के कारण गंगोत्री धाम के कपाट खुलने और बंद होने के दौरान मां गंगा की उत्सव डोली को पैदल मार्ग से ले जाना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों की बड़ी खपत होती है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह सड़क बन जाती है तो गंगोत्री धाम तक पहुंचने का मार्ग भी सुगम होगा, जिससे क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

इसको लेकर मुखवा गांव में आज एक खुली बैठक आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जब तक सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं होता, तब तक वे चुनाव का बहिष्कार करेंगे। उन्होंने अपनी मांग को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा है।

वहीं, गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने ग्रामीणों की मांग को जायज बताया और कहा कि यह सड़क उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है और वे इसके लिए लगातार प्रयासरत हैं।

ग्रामीणों के इस कड़े रुख ने सरकार और प्रशासन के लिए एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। अब देखना होगा कि सरकार इस विषय पर क्या ठोस कदम उठाती है।