

आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का अब तक का प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है। चार मैचों में 15 ओवर गेंदबाजी करने के बावजूद बुमराह एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके हैं, जिससे टीम की रणनीति पर सवाल खड़े होने लगे हैं।


चौंकाने वाली बात यह है कि इस सीजन में पार्ट टाइम गेंदबाज भी विकेट निकालने में सफल रहे हैं। शशांक सिंह ने Punjab Kings के लिए 2 विकेट लिए हैं, जबकि रियान पराग ने राजस्थान रॉयल्स की ओर से एक विकेट झटका है। ऐसे में बुमराह का विकेट कॉलम खाली रहना और भी हैरान करता है।


हालांकि, आंकड़ों से परे कहानी कुछ और ही संकेत देती है। बुमराह भले विकेट नहीं ले पा रहे हों, लेकिन उनकी भूमिका टीम में बेहद अहम बनी हुई है। वह इस सीजन में ‘विकेट-टेकर’ की बजाय ‘रन कंट्रोलर’ की भूमिका निभा रहे हैं। उनकी इकोनॉमी रेट 8.20 है, जो मौजूदा सीजन में काफी प्रभावशाली मानी जा रही है। 15 या उससे अधिक ओवर डालने वाले गेंदबाजों में सिर्फ लुंगी एनगिडी और मोहम्मद शमी की इकोनॉमी उनसे बेहतर है।


विश्लेषण से यह भी सामने आया है कि Mumbai Indians बुमराह को ऐसे समय गेंदबाजी दे रही है जब गेंद पुरानी हो चुकी होती है और बल्लेबाज सेट हो चुके होते हैं। ऐसे में उन्हें आक्रामक गेंदबाजी के बजाय रन रोकने पर ध्यान देना पड़ता है, जिससे विकेट लेने के मौके कम हो जाते हैं।

टीम मैनेजमेंट बुमराह को ‘फायरफाइटर’ की तरह इस्तेमाल कर रहा है—यानी मुश्किल परिस्थितियों में रन रोकने के लिए। इसी कारण उनकी विकेट लेने की क्षमता दबकर रह गई है। पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी संकेत दिया है कि बुमराह की भूमिका टीम के लिए अभी भी बेहद महत्वपूर्ण है, भले ही वह विकेट न ले पा रहे हों।
गौरतलब है कि बुमराह ने आखिरी बार विकेट IPL 2025 Eliminator में गुजरात टाइटन्स के खिलाफ लिया था। इसके बाद वह 122 गेंदें फेंक चुके हैं, लेकिन विकेट का खाता नहीं खुला है।

फिलहाल, बुमराह की सटीक लाइन-लेंथ और कसी हुई गेंदबाजी टीम के लिए मजबूती बनी हुई है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे ही उन्हें आक्रामक स्पेल मिलेगा, वह एक बार फिर विकेट लेने की राह पर लौट सकते हैं।


